कुवैत सिटी: बुधवार को कुवैत में उस समय दहशत फैल गई जब देश के कई हिस्सों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने सक्रिय होकर हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रहे कई संभावित खतरों को रोकने और निष्क्रिय करने की पुष्टि की है।
कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि नागरिकों द्वारा सुनी गई विस्फोट जैसी आवाजें वास्तव में रक्षा प्रणाली द्वारा किए जा रहे इंटरसेप्शन ऑपरेशनों का परिणाम थीं। सेना ने स्पष्ट किया कि “कुवैती वायु रक्षा बल इस समय शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं। यदि धमाकों की आवाजें सुनाई देती हैं, तो वे इन्हीं हमलों को रोकने की प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होती हैं।”
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने आम जनता के लिए तत्काल चेतावनी जारी की है। इसमें नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार के संदिग्ध मलबे, धातु के टुकड़ों या अज्ञात वस्तुओं के पास न जाएं और न ही उन्हें हाथ लगाएं, क्योंकि ये खतरनाक हो सकते हैं।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअज़ीज़ अल-ओतैबी ने नागरिकों और प्रवासियों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी संदिग्ध अवशेष मिलें तो तुरंत आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना दी जाए। साथ ही उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करने का आग्रह किया।
इसी बीच क्षेत्रीय मीडिया में विभिन्न प्रकार के अपुष्ट दावे भी सामने आए हैं। ईरानी राज्य प्रसारक के हवाले से कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया कि यह हमले कथित रूप से कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण बनी हुई है और अमेरिका तथा ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।













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