लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सोमवार का दिन लाखों छात्रों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए बड़ी सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज प्रदेश के 27,99,982 छात्रों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के रूप में लगभग 3350 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर करेंगे। यह राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता और गति सुनिश्चित होगी।
यह कार्यक्रम लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा। इस अवसर पर कक्षा 9-10 और उससे ऊपर के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप के अनुसार, इस योजना के तहत अनुसूचित जाति, सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को अलग-अलग श्रेणियों में धनराशि वितरित की जाएगी।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 65 लाख से अधिक लाभार्थियों को 4735.04 करोड़ रुपये की धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। सरकार छात्रवृत्ति व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए पूरी प्रक्रिया का ऑटोमेशन कर रही है और आवेदन को आसान बनाने हेतु मोबाइल एप भी विकसित किया जा रहा है।
इससे पहले सुबह लखनऊ के लोकभवन में एक और महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित होगा। यहां मुख्यमंत्री महिला सशक्तीकरण, बाल विकास और रोजगार सृजन से जुड़ी कई योजनाओं का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम के दौरान 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे, जबकि पूरे प्रदेश में 69,794 कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
स्मार्टफोन मिलने से आंगनबाड़ी सेवाओं में डिजिटल मॉनिटरिंग, डेटा संग्रहण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के नए डिजाइन का भी विमोचन करेंगे, जिसकी अनुमानित लागत करीब 30.32 लाख रुपये प्रति भवन है।
राज्यभर में आंगनबाड़ी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य भी शुरू किए जा रहे हैं। 13 जिलों में 633 आंगनबाड़ी केंद्रों, 28 जिलों में 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों और 27 जिलों में 69 अन्य केंद्रों का शिलान्यास किया जाएगा। वहीं 70 जिलों में 2,468 आंगनबाड़ी केंद्रों और 29 जिलों में 69 परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण भी होगा। इन परियोजनाओं पर हजारों लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस’ भी वितरित किए जाएंगे, जिनमें स्टैडियोमीटर, इन्फैंटोमीटर और मदर-चाइल्ड वेटिंग स्केल शामिल हैं। इससे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की निगरानी अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगी।
इसके साथ ही मिशन रोजगार के तहत नियुक्ति पत्र भी बांटे जाएंगे। मुख्यमंत्री द्वारा 10 नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जबकि प्रदेश के विभिन्न जिलों में हजारों अन्य चयनित कर्मियों को भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, सोमवार को आयोजित ये कार्यक्रम शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और रोजगार के मोर्चे पर सरकार की बहुआयामी पहल को दर्शाते हैं।













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