डेस्क : नोएडा प्राधिकरण की सोमवार को आयोजित 222वीं बोर्ड बैठक में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए स्पोर्ट्स सिटी के चार भूखंडों से जुड़ी 84 परियोजनाओं में काम शुरू करने की मंजूरी दे दी गई। इस निर्णय से करीब 40 हजार फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब उनके फ्लैट की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, यह प्रक्रिया बिल्डरों द्वारा बकाया राशि जमा करने के बाद ही आगे बढ़ेगी।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, जिन परियोजनाओं में निर्माण कार्य और खेल सुविधाएं पहले ही विकसित की जा चुकी हैं, उन बिल्डरों को बकाया चुकाने के लिए एक से तीन वर्ष का समय दिया जाएगा। उन्हें कुल बकाये का 20 प्रतिशत तुरंत और शेष 80 प्रतिशत तीन वर्षों के भीतर जमा करना होगा। जैसे ही भुगतान शुरू होगा, रजिस्ट्री प्रक्रिया भी आरंभ कर दी जाएगी।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि संशोधित ले-आउट प्लान केवल उन्हीं बिल्डरों का स्वीकृत होगा, जो खेल सुविधाओं के विकास की स्पष्ट और ठोस योजना प्रस्तुत करेंगे। अधिभोग प्रमाण-पत्र भी तभी जारी किया जाएगा, जब खेल सुविधाएं पूरी तरह विकसित हो जाएंगी। इस मामले में 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है।
सेक्टर-150 में सीमित निर्माण, हरित क्षेत्र पर जोर
सेक्टर-150 के एससी-02 भूखंड के संशोधित ले-आउट को भी मंजूरी मिल गई है। इस योजना के तहत कुल भूमि का 70 प्रतिशत हिस्सा खुला और हरित क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि केवल 30 प्रतिशत भूमि पर ही निर्माण की अनुमति होगी। इस भूखंड पर ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं के तहत फ्लैट बनाए जाएंगे।
पहले क्यों लगी थी रोक?
वर्ष 2021 में स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं पर रोक लगाने का मुख्य कारण बिल्डरों द्वारा खेल सुविधाओं के विकास में लापरवाही था। नियमों के अनुसार पहले खेल सुविधाएं विकसित की जानी थीं, लेकिन अधिक लाभ के लालच में बिल्डरों ने पहले आवासीय और व्यावसायिक निर्माण कर लिया। इससे परियोजनाओं का मूल स्वरूप प्रभावित हुआ। इसके अलावा, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के घोटाले की भी आशंका जताई गई थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं का वादा
प्राधिकरण का कहना है कि स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें क्रिकेट स्टेडियम, गोल्फ कोर्स, टेनिस सेंटर, स्विमिंग ट्रैक और बहुउद्देश्यीय मैदान शामिल होंगे। साथ ही, स्कूल और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। बिल्डरों को तीन वर्षों में खेल सुविधाएं और पांच वर्षों में आवासीय निर्माण पूरा करना होगा।
एकमुश्त समाधान योजना को मंजूरी
नोएडा के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्राधिकरण ने बकायेदारों को राहत देने के लिए ‘एकमुश्त समाधान योजना 2026’ को भी मंजूरी दी है। यह योजना ग्रुप हाउसिंग, आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक और आईटी-आईटीईएस समेत विभिन्न श्रेणियों पर लागू होगी। वर्तमान में इन परिसंपत्तियों पर 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है।
आपदा प्रबंधन के लिए 154 करोड़ रुपये स्वीकृत
हाल ही में सेक्टर-150 में डूबने से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के बाद सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे सवालों को देखते हुए प्राधिकरण ने आपदा प्रबंधन के लिए 154 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। इस राशि से रोबोट समेत आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे, ताकि अग्निकांड, भूकंप और अन्य आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उल्लेखनीय है कि नोएडा सेसमिक जोन-4 में आता है।
क्या बोले विशेषज्ञ
क्रेडाई पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सभी स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं से रोक हटाना एक सकारात्मक कदम है। इससे हजारों खरीदारों को राहत मिलेगी और केवल सेक्टर-150 के एक भूखंड पर ही लगभग आठ हजार फ्लैट की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है।













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