डेस्क : राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदनलाल दिलावर पर तीखा हमला बोला। सदन में दिए अपने भाषण के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब बाबा बागेश्वर का कार्यक्रम हुआ, तब शिक्षा विभाग “राम भरोसे” छोड़ दिया गया। डोटासरा ने अपने भाषण का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि शिक्षा मंत्री ने राम कथा पर 81 ट्वीट कर दिए, लेकिन शिक्षा में नवाचार जैसे मुद्दों पर दो साल में आठ ट्वीट भी नहीं कर पाए।
डेढ़ लाख शिक्षकों के पद खाली
डोटासरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में डेढ़ लाख के करीब शिक्षक पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार ने प्राथमिकता नियुक्तियों की बजाय तबादलों पर ध्यान दिया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में नियुक्त शिक्षकों को चुन-चुनकर बाड़मेर और जैसलमेर जैसे दूरदराज इलाकों में ट्रांसफर कर दिया गया।
स्कूलों की बदहाल स्थिति पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि राज्य में 3,700 से अधिक सरकारी स्कूल जर्जर हालत में हैं। कई स्कूलों में बैठने की समुचित व्यवस्था तक नहीं है और बच्चों को पेड़ों के नीचे पढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद सरकार ने हालात सुधारने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
डोटासरा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में 44 हजार स्कूलों में छात्राओं के लिए शौचालय तक उपलब्ध नहीं हैं, जो शिक्षा व्यवस्था की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है।
3,000 करोड़ रुपये गंवाने का दावा
डोटासरा ने चेतावनी दी कि यदि 31 मार्च से पहले पंचायती राज चुनाव नहीं कराए गए, तो केंद्र सरकार से मिलने वाले करीब 3,000 करोड़ रुपये की राशि रुक सकती है। उन्होंने स्कूलों की गिरती नामांकन दर, भवनों की खराब स्थिति और तबादलों में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी सरकार को घेरा।
यमुना जल समझौते पर भी हमला
सीकर से विधायक डोटासरा ने यमुना जल समझौते को लेकर भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के हितों को हरियाणा के सामने गिरवी रख दिया गया है और अब तक इस परियोजना की डीपीआर तक तैयार नहीं हो सकी।
डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा, “यमुना का पानी भाषणों या डीपीआर के बिना नहीं आएगा। जनता की आंखों में आंसू तो आ गए, लेकिन यमुना का पानी अब तक नहीं आया।”













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