मुंबई:एयरलाइन कंपनी विस्तारा ने एयर इंडिया के साथ विलय से पहले सोमवार को अपने स्थायी ग्राउंड स्टाफ के लिए वॉलेंट्री रिटायरमेंट स्कीम यानी वीआरएस (VRS) का ऐलान कर दिया है। साथ ही वॉलेंट्री सेपरेशन स्कीम (VSS) का भी ऐलान किया गया है। बता दें कि इससे पहले एयर इंडिया ने भी अपने स्थायी ग्राउंड स्टाफ के लिए इसी तरह की योजना की घोषणा की थी।
क्या है डिटेल
विस्तारा ने अपने कर्मचारियों को भेजे एक मैसेज में कहा कि वीआरएस योजना उन कर्मचारियों के लिए है, जिन्होंने कंपनी में पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। वहीं, वीएसएस की पेशकश एयरलाइन में पांच साल से कम सेवा वाले कर्मचारियों के लिए की गई है। विस्तारा के साथ विलय से पहले यह कदम उठाया गया है। हालांकि, इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी है। बता दें कि ढाई साल पहले टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी।
एयर इंडिया ने क्या था?
बता दें कि विस्तारा से पहले एयर इंडिया ने भी अपने ग्राउंड स्टाफ को भेजे गए एक मैसेज में एयरलाइन द्वारा कहा गया था, “हम एयर इंडिया में कम से कम पांच साल की निरंतर सेवा वाले कर्मचारियों के लिए एक वॉलेंट्री रिटायरमेंट स्कीम (वीआरएस) और इससे कम सेवा वाले कर्मचारियों के लिए वॉलेंट्री सेपरेशन स्कीम (VSS) की घोषणा कर रहे हैं।” एयर इंडिया ने कहा था कि इन दोनों योजनाओं में भाग लेने की विंडो 16 अगस्त तक खुली रहेगी। एयरलाइन ने कहा कि आवेदनों की “एक्सेप्टेंस” और “रिलीज डेट” मैनेजमेंट द्वारा तय की जाएगी। आपको बता दें कि वीएसएस ऐसी योजना या प्रस्ताव है, जिसमें नियोक्ता कर्मचारी को बिना किसी छंटनी के स्वेच्छा से इस्तीफा देने के लिए कहता है और साथ ही उसे उचित मुआवजा भी देता है।
600 कर्मचारियों पर असर!
बता दें कि हाल ही में खबर आई थी कि एयर इंडिया और विस्तारा के विलय से दोनों एयरलाइंस के करीब 600 कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, उन्हें टाटा समूह और एयर इंडिया समूह के भीतर अन्य इकाइयों में रोजगार देने की कोशिशें की जाएंगी। सूत्रों के हवाले से पीटीआई भाषा ने कहा था कि विलय प्रक्रिया से प्रभावित होने वाले इन कर्मचारियों को एयर इंडिया के साथ टाटा समूह की अन्य कंपनियों में रोजगार दिलाने के प्रयास किए जाएंगे। किसी भी समूह में समायोजित न हो पाने वाले कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक अलगाव योजना पैकेज लाया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, विलय की प्रक्रिया सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में पूरा होने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया पूरी होने पर ही प्रभावित कर्मचारियों की सही संख्या का अंदाजा मिल पाएगा। बता दें कि टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में एयर इंडिया की कमान संभाली थी।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
