डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान में गाजा पीस प्लान को समर्थन देने के खिलाफ पिछले कई दिनों से प्रदर्शन जारी है। इस बीच पाकिस्तान में आतंकी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की खबर है। बताया जा रहा है कि इजरायल विरोधी मार्च के दौरान लाहौर में पुलिस के बीच झड़प हुई।
इस झड़प में कम से कम एक अधिकारी और कई प्रदर्शनकारियों के मौत की खबर है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल का प्रयोग किया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले दागे।
सोमवार को राजधानी इस्लामाबाद की ओर मार्च कर रहे तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) समर्थकों के बीच पुलिस और हिंसक झड़पों के बाद शहर लगभग ठप हो गया।
टीएएलपी समर्थकों और पुलिस की झड़प में कई लोगों की मौत
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में पंजाब प्रांत के पुलिस प्रमुख उस्मानअनवर ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों पर गोलियां चलाईं, जिसमें एक अधिकारी की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए। हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी भी प्रदर्शनकारी के हताहत होने की खबर नहीं दी। वहीं, आतंकी संगठन टीएलपी ने एक बयान में कहा कि उसके कई समर्थक मारे गए हैं और कई घायल भी हुए हैं।
टीएलपी ने लगाए ये आरोप
टीएलपी ने कहा कि घायलों में टीएलपी प्रमुख सादरिजवी भी शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर अधिकारियों की ओर से गोलीबारी में कई गोलियां लगी हैं। बताया जा रहा है कि रिजवी की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
कथित तौर पर गोली लगने से पहले ही टीएलपी ने एक वीडियोसोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसमें रिजवी सुरक्षा बलों से गोलीबारी बंद करने का आग्रह करते हुए और बातचीत के लिए तैयार होने की बात कहते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वहीं, सोशल मीडिया पर एक और वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि कई वाहन जल रहे हैं। जो वाहन जल रहे हैं, उसमें टीएलपी कार्यकर्ताओं को ले जा रहा एक ट्रक भी शामिल है। ये उन्हीं प्रदर्शनकारियों का वाहन है जो शुक्रवार को पूर्वी पाकिस्तान में शुरू हुए “लॉन्ग मार्च” का नेतृत्व कर रहे थे। इस मार्च के परिणामस्वरूप अधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसा हुई है; और पुलिस ने शनिवार को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया है।
अमेरिकी दूतावास के बाहर रैली निकाला चाहते थे समर्थक
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के बाहर फलस्तीन समर्थक रैली निकालने पर अड़े थे। इसी दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए अभियान चलाया, तो उन्हें गोलीबारी का सामना करना पड़ा।
समाचार एजेंसी एपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को टीएलपी और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प उस वक्त शुरू हुई, जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की ओर से की गई बैरिकेडिंग हटाने की कोशिश की गई। समर्थकों की लाहौर में पुलिस से झड़प हुई और बाद में मार्च फिर से शुरू करने से पहले वे पास के मुरीदके कस्बे में डेरा डाल बैठे।
टीएलपी के बारे में भी जानिए
गौरतलब है कि टीएलपी ने पाकिस्तान के 2018 के चुनावों में देश के ईशनिंद कानून के बचाव के एकमात्र मुद्दे पर प्रचार करके प्रमुखता हासिल की। बता दें कि ईशनिंदा कानून वह है जिसमें इस्लाम का अपमान करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए मृत्युदंड का प्रावधान है। इसके बाद से ही टीएलपी ने कई हिंसक रैलिया की हैं। विशेषकर टीएलपी ने विदेशों में इस्लाम की पवित्र पुस्तक, कुरान के अपमान के खिलाफ कई प्रदर्शन किए हैं।













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