डेस्क : भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने म्यूचुअल फंड कंपनियों द्वारा निवेशकों से वसूले जाने वाले वार्षिक शुल्क यानी एक्सपेंस रेशियो में कटौती का ऐलान किया है। इस फैसले का उद्देश्य फंड हाउसों द्वारा लगाए जाने वाले खर्चों की जटिलता कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और निवेशकों के हितों को और मजबूत करना है। सेबी के इस कदम के बाद गुरुवार, 18 दिसंबर को HDFC AMC, निप्पॉन लाइफ इंडिया AMC और नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट के शेयरों में 6% तक की तेजी देखने को मिली।
क्या बदले हैं नियम?
सेबी ने कैश मार्केट में म्यूचुअल फंड्स द्वारा दी जाने वाली ब्रोकरेज की सीमा को मौजूदा 12 बेसिस प्वाइंट (0.12%) से घटाकर 6 बेसिस प्वाइंट (0.06%) कर दिया है। वहीं, डेरिवेटिव्स सेगमेंट में यह सीमा 5 बेसिस प्वाइंट (0.05%) से घटाकर 2 बेसिस प्वाइंट (0.02%) कर दी गई है।
इसके अलावा, एक्जिट लोड पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त 5 बेसिस प्वाइंट शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। क्लोज-एंडेड इक्विटी स्कीम्स के लिए बेसिक एक्सपेंस रेशियो (BER) को 1.25% से घटाकर 1% किया गया है। इंडेक्स फंड्स और ETFs के लिए यह 1% से घटकर 0.9% हो गया है, जबकि लिक्विड स्कीम फंड ऑफ फंड्स के लिए भी 0.9% तय किया गया है। ये सभी संशोधित नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।
निवेशकों के लिए क्या मायने?
सरल शब्दों में, कम एक्सपेंस रेशियो का मतलब है कि म्यूचुअल फंड में निवेश अब पहले की तुलना में सस्ता होगा। इससे निवेशकों को लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न की संभावना मिल सकती है। साथ ही, बढ़ी हुई पारदर्शिता म्यूचुअल फंड निवेश को प्रोत्साहन देने में अहम भूमिका निभा सकती है।
विशेषज्ञों की राय
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार का कहना है कि यह बाजार के लिए हल्की सकारात्मक खबर है। उनके मुताबिक, “सेबी की घोषणाएं सकारात्मक हैं, लेकिन फिलहाल बाजार की सबसे बड़ी चिंता विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार निकासी बनी हुई है।”
ब्रोकरेज फर्मों का आकलन
- मॉर्गन स्टेनली: बड़े AMC पर 3–3.5 बेसिस प्वाइंट का असर पड़ सकता है, जिसमें से 60–70% डिस्ट्रीब्यूटर्स को ट्रांसफर हो सकता है। नेट प्रभाव 1–1.5 बेसिस प्वाइंट का रहेगा। HDFC AMC के FY25 ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर करीब 4% और PBT पर 3.4% असर का अनुमान।
- जेफरीज: इक्विटी AUM पर 3–5 बेसिस प्वाइंट का नेट असर, जिसे AMC इकोसिस्टम में साझा किया जा सकता है।
- CLSA: AMC की कमाई पर कुल मिलाकर न्यूट्रल असर। TER पर -2 से +3 बेसिस प्वाइंट का प्रभाव, जबकि प्रॉफिटेबिलिटी लगभग अपरिवर्तित रहने की उम्मीद।
बाजार पर असर
सेबी के इस फैसले से रिटेल निवेशकों की भागीदारी और तरलता बढ़ने की संभावना है, जिससे म्यूचुअल फंड निवेश को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, व्यापक बाजार पर इसका प्रभाव सीमित रहने का अनुमान है।
शेयरों की चाल
- HDFC AMC: ₹2,644 (+4%)
- निप्पॉन लाइफ इंडिया AMC: ₹911 (+5.3%)
- नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट: ₹7,335 (+2.3%)
डिस्क्लेमर: विशेषज्ञों के विचार और राय उनके निजी हैं। यहां दी गई जानकारी केवल शेयरों के प्रदर्शन से संबंधित है, यह निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।













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