डेस्क: पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी (PNGS Reva Diamond Jewellery) का आईपीओ 24 फरवरी से खुलने जा रहा है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 380 करोड़ रुपये जुटाएगी और कुल 98 लाख फ्रेश शेयर जारी करेगी। खास बात यह है कि यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश शेयरों पर आधारित है, यानी मौजूदा निवेशक इसमें कोई हिस्सा नहीं बेचेंगे।
प्राइस बैंड और लॉट साइज
कंपनी ने सोमवार को आईपीओ का प्राइस बैंड 367 रुपये से 386 रुपये प्रति शेयर तय किया। एक लॉट में 32 शेयर होंगे, जिसके चलते निवेशकों को न्यूनतम 12,352 रुपये निवेश करने होंगे। रिटेल निवेशकों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 26 फरवरी है।
आईपीओ में हिस्सेदारी का वितरण
- क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs): कम से कम 75%
- रिटेल निवेशक: अधिकतम 10%
- एनआईआई (Non-Institutional Investors): अधिकतम 15%
यह मेनबोर्ड आईपीओ है और इसकी लिस्टिंग बीएसई और एनएसई दोनों पर होगी।
प्रबंधन और रजिस्ट्रार
- बुक रनिंग लीड मैनेजर: स्मॉर्ट होरिजोन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड
- रजिस्ट्रार: बीगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड
कंपनी का परिचय
पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी की स्थापना 2004 में हुई थी। कंपनी ज्वेलरी व्यापार में सक्रिय है और अपने प्रोडक्ट्स को “रेवा” ब्रांड के नाम से बेचती है। इसके उत्पादों में कंगन, बाली, अंगूठी, मंगलसूत्र आदि शामिल हैं। सितंबर 2025 तक कंपनी का कारोबार 13 जिलों में फैला हुआ है।
आईपीओ से जुटाए पैसों का उपयोग
कंपनी इस आईपीओ से जुटाए गए पैसों का उपयोग 15 नए स्टोर खोलने में करेगी, जिसके लिए कुल 286.56 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, 35.40 करोड़ रुपये का उपयोग मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार के लिए किया जाएगा।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की स्थिति
ग्रे मार्केट में इस आईपीओ की मजबूती देखने को मिली है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह आईपीओ 35 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है, जो कि लगभग 9.07% लिस्टिंग गेन को दर्शाता है।
नोट: यह समाचार निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों से प्रभावित होता है। किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट की सलाह अवश्य लें।













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