नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित AI-इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 में भारत के आईटी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI भारत के आईटी सेक्टर को नष्ट नहीं कर रहा, बल्कि इसे पूरी तरह बदल रहा है और नई संभावनाओं के द्वार खोल रहा है।
न्यूज एजेंसी ANI को इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि AI-संचालित बदलावों के कारण भारत का आईटी सेक्टर 2030 तक 400 अरब डॉलर तक पहुँच सकता है। उन्होंने कहा कि AI भारत को केवल सेवाओं के निर्यात तक सीमित नहीं रखेगा, बल्कि उत्पादों, प्लेटफॉर्म्स और समाधान निर्माण में भी अग्रणी बनाएगा।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत का लक्ष्य दुनिया की टॉप तीन AI सुपरपावर में शामिल होना है। इसके लिए सरकार ने इंडिया AI मिशन के तहत मजबूत घरेलू AI इकोसिस्टम तैयार करने की रणनीति अपनाई है। मिशन के तहत GPU की संख्या 38,000 से अधिक हो गई है और उच्च-स्तरीय GPU केवल 65 रुपये प्रति घंटे की दर से उपलब्ध हैं, जो वैश्विक औसत से लगभग एक-तिहाई कम है।
साथ ही, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और सतत शहर विकास के लिए चार सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस और स्किलिंग के लिए पांच नेशनल सेंटर्स स्थापित किए गए हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि भारत AI के डिजाइन, रिसर्च और डेवलपमेंट पर अगले चरण में ध्यान देगा, जिससे देश की जरूरतों के अनुसार समाधान तैयार किए जा सकें। उन्होंने कहा कि AI में पूर्वाग्रह (Bias) के मुद्दे को गंभीरता से लिया जा रहा है। भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के कारण, AI मॉडल कभी-कभी ग्रामीण या क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोगकर्ताओं के लिए कम प्रभावी हो सकते हैं।
AI-इंडिया इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक स्तर पर AI की सीमाओं और बायस पर जागरूकता बढ़ाने वाला पहला बड़ा कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को जिम्मेदार और समावेशी AI के लिए प्रतिबद्ध बताया, जो लोगों, ग्रह और प्रगति के सिद्धांतों पर आधारित होगा।













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