• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
‘सिर्फ गलत आदेश जजों पर ऐक्शन का आधार नहीं’, सुको ने न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द

नोटा की उपयोगिता पर न्यायालय की टिप्पणी, चुनाव सुधार पर छिड़ी बहस

February 25, 2026
जीने की कला सिखाता है धर्म : मुनि श्री तत्त्व रुचि जी “तरुण”

जीने की कला सिखाता है धर्म : मुनि श्री तत्त्व रुचि जी “तरुण”

June 9, 2026
संपत्ति और आजीविका का अधिकार सर्वोपरि: NH-29 मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

‘टू-फिंगर टेस्ट’ पर पूर्ण प्रतिबंध, झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

June 9, 2026
भारत ए की रोमांचक जीत, श्रीलंका ए को 8 रन से हराया

भारत ए की रोमांचक जीत, श्रीलंका ए को 8 रन से हराया

June 9, 2026
कुवैत अमीर से पीएम मोदी की चर्चा, भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर जताया आभार

कुवैत अमीर से पीएम मोदी की चर्चा, भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर जताया आभार

June 9, 2026
डोभाल के बयान का समर्थन, भारत ने फिर दोहराया आतंकवाद पर सख्त नीति

पीओजेके हिंसा पर भारत ने पाकिस्तान को ठहराया जिम्मेदार

June 9, 2026
बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर, ममता के भरोसेमंद हुए अलग

कोलकाता में बड़ा घटनाक्रम: ममता बनर्जी के घर पहुंची सीआईडी

June 9, 2026
आत्मा का अशाश्वत आवास है शरीर : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

आत्मा का अशाश्वत आवास है शरीर : युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण

June 9, 2026
प्रसिद्ध कृष्णा

भारतीय टीम को झटका: सिराज बाहर, प्रसिद्ध कृष्णा की वापसी

June 9, 2026
जर्जर ढांचा बना हादसे का कारण: धनौती नदी का पुल गिरा, आवागमन ठप

जर्जर ढांचा बना हादसे का कारण: धनौती नदी का पुल गिरा, आवागमन ठप

June 9, 2026
ग्रेट निकोबार में ₹13,000 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को मंजूरी

ग्रेट निकोबार में ₹13,000 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को मंजूरी

June 9, 2026
न्यूनतम प्रतिरोध से अधिक संतुलन तक: भारत की बदलती परमाणु रणनीति

न्यूनतम प्रतिरोध से अधिक संतुलन तक: भारत की बदलती परमाणु रणनीति

June 9, 2026
हिमालय की बाधाएँ होंगी खत्म: ज़ोजिला टनल से खुलेगा सालभर का रास्ता

ज़ोजिला सुरंग: हिमालय की बर्फ़ में उभरता भारत का संकल्प

June 9, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Tuesday, June 9, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home देश

नोटा की उपयोगिता पर न्यायालय की टिप्पणी, चुनाव सुधार पर छिड़ी बहस

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
February 25, 2026
in देश
Reading Time: 1 min read
A A
0
‘सिर्फ गलत आदेश जजों पर ऐक्शन का आधार नहीं’, सुको ने न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द

File Photo

नई दिल्ली :देश के उच्चतम न्यायालय ने चुनाव प्रक्रिया में ‘नोटा’ (उपरोक्त में से कोई नहीं) विकल्प की प्रभावशीलता पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पूछा कि क्या ‘नोटा’ व्यवस्था लागू होने के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की गुणवत्ता में कोई वास्तविक सुधार हुआ है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में मांग की गई है कि सभी प्रकार के चुनावों में, यहां तक कि जहां केवल एक ही प्रत्याशी मैदान में हो, वहां भी ‘नोटा’ का विकल्प अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए।

सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि ‘नोटा’ का उद्देश्य मतदाताओं को असहमति दर्ज करने का अवसर देना है, किंतु यह देखना आवश्यक है कि इसका चुनावी व्यवस्था और नेतृत्व की गुणवत्ता पर क्या प्रभाव पड़ा है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान व्यवस्था में यदि ‘नोटा’ को सर्वाधिक मत भी मिल जाएं, तब भी उससे चुनाव परिणाम निरस्त नहीं होता और न ही ‘नोटा’ को विजेता घोषित किया जाता है।

न्यायालय ने मतदान प्रतिशत को लेकर भी चिंता व्यक्त की। पीठ ने कहा कि शहरी तथा शिक्षित वर्गों में मतदान की प्रवृत्ति अपेक्षाकृत कम देखी जाती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों और महिलाओं की भागीदारी कई बार अधिक रहती है। न्यायालय ने संकेत दिया कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए व्यापक जनसहभागिता आवश्यक है और मतदान को प्रोत्साहित करने के उपायों पर गंभीर विचार किया जाना चाहिए।

केंद्र सरकार की ओर से उपस्थित भारत के महान्यायवादी आर. वेंकटरमणि ने दलील दी कि मतदान का अधिकार संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत आता है और ‘नोटा’ से जुड़ा विषय नीतिगत निर्णय का प्रश्न है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के विभिन्न विधिक और व्यावहारिक पहलुओं पर विचार आवश्यक है।

न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च 2026 को निर्धारित की है।

पृष्ठभूमि

वर्ष 2013 में उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों में ‘नोटा’ विकल्प जोड़ा गया था, जिससे मतदाता सभी प्रत्याशियों के प्रति असंतोष व्यक्त कर सकें। हालांकि वर्तमान नियमों के अनुसार ‘नोटा’ को सर्वाधिक मत मिलने की स्थिति में भी चुनाव परिणाम पर उसका प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता।

न्यायालय की ताजा टिप्पणियों के बाद चुनाव सुधार और लोकतांत्रिक उत्तरदायित्व को लेकर एक बार फिर बहस तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

Previous Post

रणनीतिक समीकरणों के दौर में प्रधानमंत्री मोदी का इज़राइल मिशन

Next Post

पांचवीं बार सेमीफाइनल में इंग्लैंड, ब्रूक बने जीत के नायक

Next Post
कप्तान ब्रूक बने मैच विनर, रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड की जीत

पांचवीं बार सेमीफाइनल में इंग्लैंड, ब्रूक बने जीत के नायक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • जीने की कला सिखाता है धर्म : मुनि श्री तत्त्व रुचि जी “तरुण”
  • ‘टू-फिंगर टेस्ट’ पर पूर्ण प्रतिबंध, झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
  • भारत ए की रोमांचक जीत, श्रीलंका ए को 8 रन से हराया
  • कुवैत अमीर से पीएम मोदी की चर्चा, भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर जताया आभार
  • पीओजेके हिंसा पर भारत ने पाकिस्तान को ठहराया जिम्मेदार
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In