डेस्क :अमेरिकी सेना ने प्रतिबंधित तेल टैंकरों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए हिंद महासागर में ‘बर्था’ नामक एक टैंकर को जब्त कर लिया है। पेंटागन ने इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तीसरी सफल जब्ती बताया है और कहा है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति Donald Trump की सख्त प्रतिबंध नीति के तहत की गई।
पेंटागन के अनुसार, अमेरिकी सैन्य बलों ने इस टैंकर का पीछा कैरेबियन सागर से शुरू किया था, जो बाद में हिंद महासागर तक पहुंचा। बताया गया कि ‘बर्था’ वेनेजुएला से भारी कच्चा तेल लेकर चीन जा रहा था और उस पर ईरान से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का आरोप है।
रक्षा विभाग ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने रात के दौरान जहाज पर चढ़ाई (बोर्डिंग) और समुद्री अवरोधन की कार्रवाई बिना किसी अप्रिय घटना के पूरी की। यह कार्रवाई इंडो-पैसिफिक कमांड (INDOPACOM) के अधिकार क्षेत्र में की गई।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) के अनुसार, कुक आइलैंड्स के ध्वज तले संचालित यह जहाज शंघाई लेजेंडरी शिप मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड से जुड़ा है और जनवरी 2020 में लगाए गए प्रतिबंधों के दायरे में आता है।
पेंटागन ने बताया कि प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहे तीन जहाजों की पहचान की गई थी और अब तीनों को पकड़ लिया गया है। हालांकि, अन्य परिचालन विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए।
सूत्रों के अनुसार, ‘बर्था’ जनवरी की शुरुआत में वेनेजुएला के समुद्री क्षेत्र से रवाना हुआ था। वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA की शिपिंग रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज लगभग 19 लाख बैरल ‘मेरेय’ भारी कच्चा तेल चीन ले जा रहा था।
जहाजों की निगरानी करने वाली सेवा MarineTraffic के आंकड़ों के अनुसार, ‘बर्था’ की अंतिम एआईएस (AIS) स्थिति 24 फरवरी को मालदीव के तट के पास हिंद महासागर में दर्ज की गई थी।
अमेरिका ने हाल के सप्ताहों में वेनेजुएला से जुड़े तेल परिवहन पर निगरानी और नाकेबंदी बढ़ा दी है। पेंटागन का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के प्रभावी क्रियान्वयन और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में की गई है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
