डेस्क : टी-20 विश्व कप 2026 में सह-आयोजक श्रीलंका का अभियान सुपर-8 चरण में ही थम गया। न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ 61 रनों की करारी शिकस्त ने श्रीलंकाई खेमे को गहरा झटका दिया है। 2014 में टी-20 विश्व कप का खिताब जीतने के बाद से श्रीलंका किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका है और इस बार भी इतिहास नहीं बदल सका।
पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने 20 ओवर में 168 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 169 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में श्रीलंकाई टीम 107 रनों पर सिमट गई। इस हार के साथ ही मेजबान टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई।
हार के बाद कप्तान दासुन शनाका ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि घरेलू दर्शकों को निराश करना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने स्वीकार किया कि टीम ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन न्यूजीलैंड के स्पिनर मिचेल सेंटनर की अहम साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया।
शनाका ने बताया कि पहले बल्लेबाजी का निर्णय सामूहिक था, लेकिन टीम को उम्मीद नहीं थी कि नई पिच पर इतना अधिक टर्न मिलेगा। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों को शीर्ष क्रम में अधिक जिम्मेदारी लेने की जरूरत है, क्योंकि टीम एक या दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं रह सकती।
कुसल मेंडिस की फिटनेस को लेकर भी उन्होंने संकेत दिए कि वह हल्की समस्या के साथ मैदान पर उतरे थे। हालांकि शनाका ने इसे बहाना नहीं बनाया और माना कि पूरे बल्लेबाजी क्रम को सकारात्मक रवैया अपनाना होगा।
कप्तान ने स्पष्ट कहा कि टी-20 क्रिकेट में जोखिम लेना जरूरी है। अगर सकारात्मक सोच के साथ आउट भी हो जाएं तो कम से कम टीम यह संतोष कर सकती है कि उसने पहल की। उन्होंने माना कि श्रीलंकाई बल्लेबाज अपेक्षित आक्रामकता नहीं दिखा सके।
अब श्रीलंका का आखिरी मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ है। शनाका ने कहा कि टीम इस मैच को जीतकर टूर्नामेंट का समापन सकारात्मक अंदाज में करना चाहेगी।













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