डेस्क : ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष का असर अब वैश्विक ही नहीं, भारतीय हवाई यातायात पर भी साफ दिखाई देने लगा है। मिडल ईस्ट के हवाई क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों और प्रतिबंधों के कारण विमानन क्षेत्र में व्यापक अव्यवस्था उत्पन्न हो गई है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रविवार को जानकारी दी कि 28 फरवरी (शनिवार) को भारतीय एयरलाइंस की 410 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि 1 मार्च (रविवार) को यह संख्या बढ़कर 444 तक पहुंचने की आशंका है। लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए हालात पर उच्च स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
भारत के विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी भारतीय विमानन कंपनियों के लिए आपातकालीन सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। एयरलाइंस को फिलहाल 11 देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी गई है। इनमें लेबनान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, बहरीन, ओमान, इराक, जॉर्डन, कुवैत और कतर शामिल हैं।
डीजीसीए ने चेतावनी दी है कि इन क्षेत्रों में क्रूज मिसाइलों, बैलिस्टिक मिसाइलों और सैन्य विमानों की सक्रिय गतिविधियों के कारण नागरिक विमानों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
वाराणसी-शारजाह उड़ानों पर असर
मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सीधा प्रभाव वाराणसी से खाड़ी देशों के लिए संचालित उड़ानों पर भी पड़ा है। एयर इंडिया एक्सप्रेस की वाराणसी-शारजाह सेक्टर की दो उड़ानें शनिवार को रद्द कर दी गईं, जिससे करीब 330 यात्री प्रभावित हुए।
शनिवार सुबह 10:30 बजे आईएक्स-185 विमान वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर पहुंचा, जिसमें 158 यात्री सवार थे। यह विमान एक घंटे बाद बेंगलुरु के लिए रवाना हुआ और रात 10:40 बजे आईएक्स-186 बनकर शारजाह जाना था। सुरक्षा कारणों से इस उड़ान को रद्द कर दिया गया। शारजाह जाने वाले 160 यात्रियों को मोबाइल संदेश के माध्यम से पहले ही सूचना दे दी गई, जिससे वे एयरपोर्ट नहीं पहुंचे।
इसी तरह शारजाह से आईएक्स-184 विमान शाम 4:40 बजे वाराणसी पहुंचा, जिसमें 168 यात्री सवार थे। यह विमान आईएक्स-183 के रूप में शाम 5:40 बजे पुनः शारजाह रवाना होने वाला था, लेकिन इसे भी निरस्त कर दिया गया। इस कारण 170 यात्री यात्रा नहीं कर सके। एयरपोर्ट प्रशासन ने हवाई क्षेत्र में जारी प्रतिबंधों का हवाला देते हुए यात्रियों को घर लौटने की सलाह दी।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, अगले 48 घंटों में स्थिति की समीक्षा कर आगे की उड़ान संचालन संबंधी निर्णय लिए जाएंगे। वर्तमान हालात को देखते हुए विमानन क्षेत्र में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।













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