गुवाहाटी: आगामी असम विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राज्य की सियासत में व्यक्तिगत आरोपों का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई पर तीखे हमले किए हैं और उन्हें पाकिस्तान एजेंट तक बताकर उनकी 2013 की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठाए हैं।
गुवाहाटी में आयोजित ‘पंचायत आजतक असम’ में सरमा ने कहा कि उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोप 100 प्रतिशत तथ्यों पर आधारित हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “अगर हम गलत होते, तो क्या गौरव गोगोई हमारे खिलाफ मानहानि का मुकदमा नहीं करते?”
पाकिस्तान यात्रा पर सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोगोई ने बिना अनुमति के उन क्षेत्रों का दौरा किया जहां उन्हें जाने की अनुमति नहीं थी। उन्होंने विशेष रूप से रावलपिंडी जाने का जिक्र किया, जहाँ पाकिस्तान सेना का जनरल मुख्यालय (GHQ) स्थित है। सरमा ने कहा, “भारत और पाकिस्तान के बीच तीन युद्ध हुए हैं। यदि कोई बिना अनुमति वहां जाता है, तो यह गंभीर मामला है।”
जमीन घोटाले पर मुकदमा
सिर्फ पाकिस्तान यात्रा ही नहीं, बल्कि जमीन विवाद भी चर्चित रहा। गोगोई ने सरमा और उनके परिवार पर असम में लगभग 12,000 बीघा जमीन रखने का आरोप लगाया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ 500 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया। गुवाहाटी की अदालत ने कांग्रेस नेताओं को ऐसे बयान देने से परहेज करने का निर्देश भी दिया।
चुनाव पर सतर्कता
सरमा ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कहा कि अंतिम वोट तक किसी को अंतिम दावा नहीं करना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने पुरानी गलतियों को सुधारने का प्रयास किया है और अब अपने भाषणों में ‘मियां’ शब्द या विपक्षी नेताओं के नाम का इस्तेमाल नहीं करते।
इस पर गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री के ‘पाक एजेंट’ वाले आरोपों को “सुपर फ्लॉप पॉलिटिकल ड्रामा” करार दिया और कहा कि सरमा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं।













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