कोलकाता/चेन्नई : ईरान, अमेरिका और इज़रायल के बीच चल रही लड़ाई के कारण पूरे देश में एलपीजी सिलेंडर या रसोई गैस की किल्लत हो गई है। एलपीजी की कमी ने लोगों की जिंदगी को मुश्किल में डाल दिया है। देश के हर हिस्से से ब्लैक मार्केटिंग की खबरें आ रही हैं। रेस्टोरेंट और होटल वालों ने चाय-कॉफी समेत एलपीजी से पकने वाले फूड आइटम्स के रेट बढ़ा दिए हैं। हॉस्टल और मेस चलाने वालों ने मेन्यू को छोटा कर दिया है। कई जगह मेन्यू बदल दिए गए हैं। मुफ्त भोजन कराने वाले मंदिरों और गुरुद्वारों में इसका असर दिखने लगा है। हरियाणा के घरों के साथ ढाबों में गोबर के उपलों की वापसी हुई है। लकड़ी और कोयले की भट्ठियां फिर जलने लगी हैं।
तमिलनाडु में चाय- कॉफी मंहगी, कमर्शियल सिलेंडर 5000 रुपये में
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग के कारण 1400 रुपये का कमर्शल सिलेंडर 2800 रुपये में बिक रहा। तमिलनाडु में कंज्यूमर हेल्पलाइन पर होटलों और टी-स्टॉल पर ज्यादा कीमत वसूलने के 70 से ज्यादा औपचारिक शिकायतें मिली हैं। चेन्नई में चाय-कॉफी के रेट बढ़ गए हैं। मोगाप्पैर और अन्ना नगर में एक गिलास चाय की कीमत 12 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये और कॉफ़ी की कीमत 15 रुपये से बढ़ाकर 18 रुपये हो गई है। दुकानदारों ने बताया कि ये बढ़ी हुई कीमतें तब तक लागू रहेंगी, जब तक गैस की समस्या हल नहीं हो जाती। दुकानदारों का दावा है कि कमर्शियल गैस की कीमत ब्लैक मार्केट अब 5,000 रुपये तक पहुंच गई है।
मुंबई में 35 फीसदी होटल और रेस्टोरेंट बंद, मेन्यू भी हुआ छोटा
कमर्शल एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से मुंबई के 35 फीसदी होटल बंद हो गए हैं। रेलवे स्टेशनों पर बड़ा पाव और पाव भाजी जैसे पॉपुलर फूड आइटम्स के स्टॉल्स पर भी इसका असर पड़ा है। नवी मुंबई में गैस एजेंसियों पर पिछले पांच दिनों से लंबी-लंबी लाइन लग रही है। लोग सुबह से ही सिलेंडर के लिए पहुंच रहे हैं। एसोसिएशन ऑफ़ होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स के प्रेसिडेंट विजय शेट्टी के अनुसार मंगलवार को 16,000 रेस्टोरेंट्स में से लगभग 20 फीसदी बंद रहे और बुधवार को यह संख्या बढ़कर 35 प्रतिशत हो गई। आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाएगी। गैस की कमी के कारण कई रेस्टोरेंट ने अपने मेन्यू में कटौती की है। मुंबई के वर्ली में प्रशासन ने कालाबाजारी कर रहे 100 सिलेंडर जब्त किए।
कर्नाटक-केरल में भी असर, तेलंगाना के मंदिर में अन्नदान बंद
दक्षिण भारतीय राज्यों के होटल असोसिएशन का कहना है कि ईंधन की कमी के कारण केरल में लगभग 40 फीसदी और कर्नाटक में 30 फीसदी फूड स्टॉल और होटल बंद हो गए हैं। केरल के तिरुवनंतपुरम के चालाई बाज़ार इलाके में एक चोर को एक होटल से कमर्शियल सिलेंडर चुराकर ले जाते हुए देखा गया। तेलंगाना के सिकंदराबाद में 200 साल पुराना मशहूर श्री गणेश मंदिर अब अन्नदान और प्रसाद बांटना बंद कर चुका है। पुणे के श्री शिरडी साईं मंदिर में भी एलपीजी का स्टॉक 10 दिनों का बचा है। सोलर एनर्जी के सहारे यहां भंडारा चल रहा है। यहां भी मेन्यू बदले गए हैं।
कई मिठाइयां गायब, लकड़ी के चूल्हों पर पक रही बिरयानी
कोलकाता में तेज़ आंच पर बनने वाली मिठाइयों पर एलपीजी किल्लत का असर पड़ा है। जिन दुकानदारों में रोजाना 10 कमर्शियल सिलेंडरों की खपत होती थी, उन्हें दो सिलेंडर से काम चलाना पड़ रहा है। लौंग लत्ता, कालोजाम, पंतुआ, दरबेश जैसी मिठाइयां दुकानों पर नहीं मिल रही हैं। कोलकाता के कई रेस्टोरेंट के मेन्यू से हांडी बिरयानी, मटन रेज़ाला और दाल मखनी जैसी डिशें भी गायब हो गई हैं, क्योंकि इन्हें पकाने में ज़्यादा समय लगता है। कई मशहूर रेस्टोरेंट ने इलेक्ट्रिक कुकिंग और लकड़ी के चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। शहर में डीज़ल वाले स्टोव की मांग फिर से लौट आई है। ओल्ड चाइना बाज़ार स्ट्रीट पर डीजल वाले स्टोव बेचने वाले दुकानदार संजय चौधरी ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि डीज़ल वाले स्टोव की मांग तो बहुत ज़्यादा है, लेकिन इसकी सप्लाई लगभग न के बराबर है। हमारे पास जो भी स्टॉक था, वह पहले ही बिक चुका है।
एमपी के हॉस्टलों के मेन्यू में कटौती, कई जगह पड़े छापे
स्कूलों और कॉलेजों में भी मेन्यू में कटौती की जा रही है। भोपाल में जाने-माने शिक्षण संस्थानों नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च के हॉस्टल के खाने में कटौती की गई है। शुक्रवार को सिवनी मालवा थाने से पुलिस सुरक्षा में सिलेंडरों बांटे गए। भोपाल, इंदौर समेत कई शहरों में 900 रुपये में मिलने वाला घरेलू गैस सिलिंडर 1500 रुपये में बेचने की खबर आई। इसके बाद इन शहरों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई। राजस्थान के कोटा में भी हॉस्टल और मेस चलाने वालों ने मेन्यू छोटा कर दिया है, नाश्ता देना बंद कर दिया है। गुजरात में भरवाड़ समुदाय के एक होस्टल ने छात्रों को दी जाने वाली रोटियों की संख्या 700 से घटाकर 300 कर दी है।
सिलेंडर की लाइन में मौत, पंजाब में ढाबों पर जले मिट्टी के चूल्हे
पंजाब के बरनाला ज़िले के सेहना गांव में 60 साल के भूषण कुमार की सिलेंडर लेने के लिए लाइन में मौत हो गई। पंजाब में ढाबे अब मिट्टी के चूल्हों का इस्तेमाल करने लगे हैं। इससे लकड़ी और कोयले की मांग बढ़ गई है। कुछ परिवार छोटे तंदूर और मिट्टी के तेल वाले स्टोव का इस्तेमाल कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने 6 मार्च से कमर्शियल एलपीजी की फैक्ट्रियों में सप्लाई पर रोक लगा दी है। लुधियाना की कई यूनिट्स ने कुछ समय के लिए अपना काम बंद करने का फैसला किया है।
हरियाणा में कई उद्योग बंद, संकट बढ़ा तो होगी छंटनी
हरियाणा के गांवों में फिर गोबर के उपलों की वापसी हुई है। गुड़गांव में उद्योग विहार चैंबर ऑफ़ इंडस्ट्री के अशोक कोहली ने बताया कि अगर यह संकट जारी रहा तो नौकरियों में कटौती करनी पड़ेगी। मालिक शुरू में तो नुकसान झेल सकते हैं, लेकिन सबसे ज़्यादा मार मज़दूरों पर ही पड़ेगी। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, हरियाणा में हर दिन 2.5 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर से ज़्यादा इंडस्ट्रियल गैस की खपत होती है। इसमें से गुड़गांव की यूनिट्स रोज़ाना लगभग 8-10 लाख SCM गैस इस्तेमाल करती हैं।
एलपीजी से जुड़ी शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर
भारत गैस: 1800-22-4344
इंडेन गैस: 1800-2333-555
एचपी गैस: 1800-2333-555













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