जोधपुर: देश के जाने माने इंनोवेटर और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर शनिवार को बड़ी अपडेट मिली है। यहां दोपहर जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। करीब 170 दिनों तक जेल में रहने के बाद केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला लिया। इसके बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई और आज उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया। सोनम वांगचुक को 24 सितंबर 2025 को लद्दाख प्रशासन ने हिरासत में लिया था।
इस वजह से हुई थी वांगचुक की गिरफ्तारी
दरअसल, सोनम वांगचुक पर आरोप था कि उन्होंने लद्दाख में राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची लागू करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान लोगों को भड़काया, जिससे स्थिति हिंसक हो गई थी, इसके बाद सितंबर में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 150 से अधिक लोग घायल हो गए थे। प्रशासन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की थी। शुरुआती पूछताछ और कार्रवाई के बाद 26 सितंबर को उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। तब से वे न्यायिक हिरासत में थे।हालांकि 170 तक की लंबी हिरासत में रहने के बाद अब केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाया गया एनएसए हटाने का निर्णय लिया है। इसके बाद उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहाई मिल गई।
लद्दाख में पर्यावरण बचाने को लेकर जानें जाते हैं वांगचुक
सोनम वांगचुक को लद्दाख में शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करने के लिए जाना जाता है। वे लंबे समय से लद्दाख के लोगों के अधिकारों और क्षेत्रीय मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनकी रिहाई के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है और इसे एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि सोनम वांगचुक की रिहाई के लिए उनकी पत्नी भी लगातार प्रयास कर रही थी। उन्होंने इसके लिए अदालत का भी सहारा लिया था।













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