डेस्क : तेलंगाना के मनचेरिल जिले से आवारा कुत्तों के साथ क्रूरता का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार यहां करीब 100 आवारा कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देकर मार दिया गया और बाद में उनके शवों को नदी किनारे दफना दिया गया। घटना का खुलासा तब हुआ, जब पशु कल्याण कार्यकर्ता ए गौतम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
ए गौतम ‘स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ नामक गैर-सरकारी संगठन में क्रूरता निवारण प्रबंधक के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव ने दो लोगों की मदद से कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन लगवाकर मरवा दिया और बाद में शवों को नदी के पास दफना दिया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष जनवरी और पिछले वर्ष दिसंबर में भी तेलंगाना के अलग-अलग जिलों से करीब 1,300 आवारा कुत्तों को मार डालने की घटनाएं सामने आई थीं। उन मामलों में भी पशु कल्याण कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद सरपंचों, ग्राम पंचायत सचिवों और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए थे।
प्राथमिक आशंका यह भी जताई जा रही है कि पिछले वर्ष दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनाव से पहले गांवों में आवारा कुत्तों की समस्या खत्म करने के वादे को पूरा करने के लिए कुछ जनप्रतिनिधियों ने ऐसे कदम उठाए।
गौरतलब है कि देश में आवारा कुत्तों को लेकर लंबे समय से बहस जारी है। एक वर्ग उन्हें संरक्षण और सह-अस्तित्व की दृष्टि से देखता है, जबकि दूसरा वर्ग उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा मानता है। राजधानी दिल्ली में भी आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अदालत ने पहले उन्हें हटाने का निर्देश दिया था, लेकिन बाद में विरोध प्रदर्शनों के बाद उस आदेश पर रोक लगा दी गई।













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