डेस्क : भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को 94 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थीं। उनके दामाद रजी उर रहमान किदवई ने बताया कि उन्होंने तड़के मेट्रो अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से राजनीतिक जगत, खासकर कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर फैल गई है।
परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार (सुपुर्द-ए-खाक) बुधवार शाम करीब 5 बजे निजामुद्दीन कब्रिस्तान में किया जाएगा।
प्रभावशाली और लंबा राजनीतिक जीवन
मोहसिना किदवई भारतीय राजनीति का एक सम्मानित और प्रभावशाली चेहरा थीं। उनका राजनीतिक जीवन कई दशकों तक फैला रहा। बाराबंकी की मूल निवासी किदवई ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकारों में केंद्रीय मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वे मेरठ लोकसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार सांसद चुनी गईं और छठी, सातवीं व आठवीं लोकसभा में जनता का प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा, उन्होंने 2004 से 2016 तक छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सदस्य के रूप में भी सेवा दी।
संसद और संगठन में मजबूत भूमिका
अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा—दोनों सदनों में सक्रिय भूमिका निभाई और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया। वे कांग्रेस की शीर्ष नीति-निर्धारक संस्था कांग्रेस कार्य समिति और केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य भी रहीं।
किदवई को कांग्रेस नेतृत्व और विशेष रूप से गांधी परिवार का विश्वसनीय चेहरा माना जाता था। उन्होंने पार्टी के कठिन दौरों में भी अपनी निष्ठा बनाए रखी और संगठन को मजबूती देने में अहम योगदान दिया।
उनका निधन भारतीय राजनीति के एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।













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