• Latest
  • Trending
  • All
  • बिजनेस
आज योगिनी एकादशी: पुण्य, उपवास और विष्णु कृपा

वरुथिनी एकादशी: आत्मसंयम से आत्मोद्धार तक

April 9, 2026
ग़ल्फ़ ऑफ़ एडन में भारतीय नौसेना का बड़ा ऑपरेशन, समुद्री लूट की कोशिश नाकाम

ग़ल्फ़ ऑफ़ एडन में भारतीय नौसेना का बड़ा ऑपरेशन, समुद्री लूट की कोशिश नाकाम

July 2, 2026
उत्तर प्रदेश में नई बिजली दरें घोषित, उपभोक्ताओं को राहत

उत्तर प्रदेश में नई बिजली दरें घोषित, उपभोक्ताओं को राहत

July 2, 2026
अखिलेश का नया फॉर्मूला: पहले पकड़, फिर टिकट

अखिलेश यादव का भाजपा पर वार— जनता देगी जवाब, चुनाव में होगी हार

July 2, 2026
‘सिर्फ गलत आदेश जजों पर ऐक्शन का आधार नहीं’, सुको ने न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द

एआई के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, वकीलों को दी चेतावनी

July 2, 2026
संजय राउत का सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर हमला

भाजपा और शिंदे गुट को संजय राउत की दो टूक चेतावनी

July 2, 2026
चीन का नया ‘जातीय एकता कानून’ लागू, अल्पसंख्यक समुदायों में बढ़ी चिंता

चीन का नया ‘जातीय एकता कानून’ लागू, अल्पसंख्यक समुदायों में बढ़ी चिंता

July 2, 2026
एलपीजी संकट पर सियासत तेज, केजरीवाल का मोदी सरकार पर तीखा हमला

राम मंदिर दान विवाद पर केजरीवाल का मोदी पर सीधा हमला

July 2, 2026
आपूर्ति श्रृंखला से लेकर रक्षा सहयोग तक: भारत-जापान साझेदारी को विस्तार

आपूर्ति श्रृंखला से लेकर रक्षा सहयोग तक: भारत-जापान साझेदारी को विस्तार

July 2, 2026
भारत की डिजिटल क्रांति के 11 साल: यूपीआई बना वैश्विक भुगतान का नेतृत्वकर्ता

भारत की डिजिटल क्रांति के 11 साल: यूपीआई बना वैश्विक भुगतान का नेतृत्वकर्ता

July 2, 2026
मणिपुर

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: म्यांमार सीमा के पास कई गांवों में आगजनी, हालात तनावपूर्ण

July 2, 2026
बजट से पहले पेट्रोल-डीजल महंगा होने के संकेत, एक्साइज ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार

पेट्रोल-डीजल कीमत अपडेट: सरकारी कंपनियों के रेट स्थिर

July 2, 2026
होली-दीवाली पर राशन कार्ड धारकों को मिलेगा फ्री गैस सिलेंडर

एलपीजी उपभोक्ताओं को राहत, घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर

July 2, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Thursday, July 2, 2026
  • Login
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH
No Result
View All Result
ON THE DOT
No Result
View All Result
Home आराधना-साधना

वरुथिनी एकादशी: आत्मसंयम से आत्मोद्धार तक

ON THE DOT TEAM by ON THE DOT TEAM
April 9, 2026
in आराधना-साधना
Reading Time: 1 min read
A A
0
आज योगिनी एकादशी: पुण्य, उपवास और विष्णु कृपा

भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में एकादशी का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। प्रत्येक एकादशी मनुष्य को आत्मशुद्धि, संयम और ईश्वर के प्रति समर्पण का अवसर प्रदान करती है, परंतु वरुथिनी एकादशी का महत्व विशेष रूप से गूढ़ और व्यापक माना गया है। यह केवल एक व्रत नहीं, बल्कि जीवन के नैतिक और आध्यात्मिक पुनर्निर्माण का एक गंभीर अनुष्ठान है।

वर्ष 2026 में यह पावन एकादशी 13 अप्रैल को मनाई जाएगी। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार, जिस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि विद्यमान रहती है, उसी दिन व्रत का विधान होता है। इस प्रकार यह तिथि साधकों के लिए एक सुसंगत अवसर बनकर आती है, जब वे अपने भीतर संचित अशुद्धियों को त्यागकर नवजीवन की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

‘वरुथिनी’ का तात्त्विक अर्थ

‘वरुथिनी’ शब्द संस्कृत धातु से निर्मित है, जिसका अर्थ है—संरक्षण करने वाली, कवच प्रदान करने वाली। यह नाम स्वयं संकेत करता है कि यह एकादशी मनुष्य को उसके दुष्कर्मों के परिणामों से बचाने और उसे आध्यात्मिक सुरक्षा प्रदान करने का माध्यम है। यह व्रत भगवान भगवान विष्णु को समर्पित है, जो सृष्टि के पालनकर्ता और धर्म के संरक्षक माने जाते हैं। विशेष रूप से इसे उनके वामन अवतार से जोड़ा जाता है, जो अहंकार के परिमार्जन और धर्म की पुनर्स्थापना का प्रतीक है।

आध्यात्मिक और नैतिक महत्त्व

धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि वरुथिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के पूर्वकृत पाप क्षीण होते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। किंतु इसका वास्तविक महत्त्व केवल पाप-पुण्य के गणित तक सीमित नहीं है। यह व्रत मनुष्य को आत्मावलोकन की ओर प्रेरित करता है—वह अपने आचरण, विचार और प्रवृत्तियों का पुनर्मूल्यांकन करता है।

आधुनिक जीवन की जटिलताओं में, जहाँ व्यक्ति निरंतर बाह्य उपलब्धियों की ओर अग्रसर रहता है, यह एकादशी उसे भीतर की ओर लौटने का अवसर देती है। यह स्मरण कराती है कि वास्तविक संतुलन बाहरी सफलता में नहीं, बल्कि आंतरिक शांति और नैतिक स्थिरता में निहित है।

व्रत का स्वरूप और साधना

वरुथिनी एकादशी का व्रत केवल अन्न त्याग तक सीमित नहीं है। इसका मूल उद्देश्य इंद्रियों और मन का संयम है। इस दिन साधक प्रातःकाल स्नान कर भगवान विष्णु का ध्यान करता है, व्रत का संकल्प लेता है और दिनभर सात्त्विकता का पालन करता है।

मंत्र-जप, विशेषकर “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”, मन को एकाग्र और शांत करता है। संध्या के समय दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की जाती है। किंतु इन समस्त विधियों का सार यह है कि साधक अपने भीतर की अशुद्ध प्रवृत्तियों—क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और अहंकार—का परित्याग करे।

आत्मसंयम से आत्मोद्धार की ओर

वरुथिनी एकादशी का मूल संदेश यह है कि मनुष्य का वास्तविक उत्थान बाह्य साधनों से नहीं, बल्कि आत्मसंयम और आत्मानुशासन से होता है। यह व्रत एक प्रकार का आध्यात्मिक अनुशासन है, जो व्यक्ति को अपने ही भीतर छिपे दुर्बलताओं से संघर्ष करने की प्रेरणा देता है।

यह दिन हमें यह भी सिखाता है कि प्रायश्चित्त केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि एक आंतरिक प्रक्रिया है—जिसमें मनुष्य अपने दोषों को स्वीकार कर उन्हें सुधारने का संकल्प लेता है। यही संकल्प उसे ईश्वर के निकट ले जाता है।

उपसंहार

वरुथिनी एकादशी केवल धार्मिक परंपरा का निर्वाह नहीं, बल्कि जीवन को एक नई दिशा देने का अवसर है। यह वह क्षण है जब मनुष्य अपने अतीत के भार को त्यागकर, शुद्धता और सत्य के मार्ग पर अग्रसर होता है।

यदि इस व्रत को केवल बाह्य आडंबर के रूप में न मानकर, आंतरिक साधना के रूप में ग्रहण किया जाए, तो यह निश्चय ही जीवन में एक अदृश्य कवच का निर्माण करता है—ऐसा कवच, जो मनुष्य को न केवल बाहरी संकटों से, बल्कि उसके अपने अंतःकरण की दुर्बलताओं से भी सुरक्षित रखता है।

Previous Post

आज का राशिफल – 9 अप्रैल 2026

Next Post

गर्मियों में ठंडक का स्वाद — रिफ्रेशिंग चीले का रायता

Next Post
गर्मियों में ठंडक का स्वाद — रिफ्रेशिंग चीले का रायता

गर्मियों में ठंडक का स्वाद — रिफ्रेशिंग चीले का रायता

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • ग़ल्फ़ ऑफ़ एडन में भारतीय नौसेना का बड़ा ऑपरेशन, समुद्री लूट की कोशिश नाकाम
  • उत्तर प्रदेश में नई बिजली दरें घोषित, उपभोक्ताओं को राहत
  • अखिलेश यादव का भाजपा पर वार— जनता देगी जवाब, चुनाव में होगी हार
  • एआई के दुरुपयोग पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, वकीलों को दी चेतावनी
  • भाजपा और शिंदे गुट को संजय राउत की दो टूक चेतावनी
Stock Market Today by TradingView
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Call us: +91 98330 26960
No Result
View All Result
  • मुख्य समाचार
  • देश
    • राज्य-शहर
  • विदेश
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • जीवंत
  • ENGLISH

Copyright © 2020 ON THE DOT

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In