नई दिल्ली:केंद्र सरकार ने हाई-स्पीड डीजल (HSD) पर टैक्स ढांचे में बड़ा संशोधन करते हुए एक्साइज ड्यूटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेस में वृद्धि कर दी है। सरकार के नए फैसले के अनुसार अब डीजल पर एक्साइज ड्यूटी ₹24 प्रति लीटर और रोड व इंफ्रास्ट्रक्चर सेस ₹36 प्रति लीटर लागू होगा। यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत डीजल पर लगने वाले विभिन्न करों को पुनर्गठित किया गया है। इस कदम का उद्देश्य टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाना और राजस्व संग्रह को मजबूत करना बताया जा रहा है।
क्यों लिया गया फैसला?
विशेषज्ञों के अनुसार सरकार का यह निर्णय कई कारणों से जुड़ा है:
- इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड जुटाना
- सरकारी राजस्व में वृद्धि करना
- वैश्विक तेल बाजार की अस्थिरता के बीच आर्थिक संतुलन बनाए रखना
आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
इस फैसले का सीधा असर आम लोगों पर पड़ सकता है:
- डीजल महंगा होने की संभावना बढ़ सकती है
- परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थ और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं
- हालांकि, अंतिम कीमतों पर असर तेल कंपनियों के फैसले पर निर्भर करेगा
पहले क्या हुआ था?
गौरतलब है कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में राहत दी थी। ऐसे में अब यह नया फैसला एक बड़े नीति बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।













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