नई दिल्ली : विराट कोहली ने मंगलवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल आर.के. पुरम में क्रिकेट अकादमी के उद्घाटन अवसर पर विद्यार्थियों को प्रेरणादायक संदेश दिया। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज ने छात्रों से अपने सपनों के प्रति ईमानदार रहने, शिक्षकों का सम्मान करने और पूर्ण समर्पण के साथ लक्ष्य प्राप्त करने की बात कही।
कोहली ने कहा कि वह विद्यालय कार्यक्रमों में बोलने के अभ्यस्त नहीं हैं, लेकिन विद्यार्थियों के बीच आकर उन्हें अपने बचपन की स्मृतियां ताजा हो गईं। उन्होंने कहा कि वह भी कभी इसी वातावरण का हिस्सा थे और इसी काल में उन्होंने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा, “विद्यालय केवल शिक्षा का स्थान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का केंद्र है। यहां आप सीखते हैं, आगे बढ़ते हैं और श्रेष्ठ मनुष्य बनते हैं। अपने शिक्षकों और इस वातावरण का सम्मान करें, क्योंकि वे अपना समय और जीवन का हिस्सा आपको बेहतर बनाने में समर्पित करते हैं।”
पूर्व भारतीय कप्तान ने अपने क्रिकेट जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत कम आयु में खेल को जीवन-पथ बनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा, “मैंने बहुत शीघ्र तय कर लिया था कि मुझे क्रिकेट खेलना है। इसके लिए मैंने स्वयं से, परिवार से और शिक्षकों से ईमानदारी से अपनी बात कही। यदि आपके पास कोई स्वप्न है तो उसके प्रति पूर्ण निष्ठा और समर्पण रखें।”
कोहली ने बताया कि उन्होंने आठ वर्ष की आयु में इसी अकादमी में अभ्यास प्रारंभ किया था और आज भी समय मिलने पर यहां आते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यहां आने वाले युवा खिलाड़ी इस मंच का पूरा लाभ उठाएंगे और भविष्य में देश का नाम गौरवान्वित करेंगे।
इस बीच, विराट कोहली ने सोमवार को इंडियन प्रीमियर लीग में एक और बड़ा कीर्तिमान अपने नाम किया। वह इस प्रतियोगिता के इतिहास में ९००० रन पूरे करने वाले पहले खिलाड़ी बने। यह उपलब्धि उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से दिल्ली कैपिटल्स के विरुद्ध अरुण जेटली स्टेडियम में प्राप्त की।
मैच में बेंगलुरु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दिल्ली को करारी शिकस्त दी। इस विजय के साथ बेंगलुरु ने अंक तालिका में दूसरा स्थान सुदृढ़ कर लिया, जबकि दिल्ली को सत्र की पांचवीं हार का सामना करना पड़ा।













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