मुंबई: महाराष्ट्र की विधान परिषद (एमएलसी) चुनावी प्रक्रिया के बीच महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के भीतर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। ताज़ा घटनाक्रम में कांग्रेस पार्टी ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे की संभावित एमएलसी सीट को लेकर अपनी रणनीतिक रुचि जताई है।
सूत्रों के अनुसार, एमवीए गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर प्रारंभिक स्तर पर सहमति बनाने की कोशिशें चल रही थीं, जिसमें उद्धव ठाकरे के लिए एक सुरक्षित सीट पर चर्चा हुई थी। हालांकि अब कांग्रेस की ओर से इस सीट पर दावा या वैकल्पिक उम्मीदवार उतारने की संभावना पर विचार किए जाने से गठबंधन के भीतर नई राजनीतिक हलचल पैदा हो गई है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि एमएलसी सीटों के आवंटन में सभी घटक दलों के राजनीतिक महत्व और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। इसी कारण पार्टी इस सीट पर अंतिम निर्णय से पहले अपने विकल्पों को खुला रखना चाहती है।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) खेमे का रुख इस मुद्दे पर अलग है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उद्धव ठाकरे का विधान परिषद में बने रहना न केवल संगठनात्मक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह गठबंधन के भीतर संतुलन बनाए रखने में भी सहायक होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक एमएलसी सीट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एमवीए के भीतर शक्ति-संतुलन और भविष्य की राजनीतिक दिशा को लेकर गहरे मतभेद भी झलकते हैं।
आने वाले दिनों में गठबंधन की बैठकों में इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है, जिस पर सभी दलों की निगाहें टिकी हुई हैं।













मुख्य समाचार
देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
