नई दिल्ली: देश में ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार की नीतियों के तहत पेट्रोल पंपों पर अब उपभोक्ताओं को एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कई विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहन चालक अपनी गाड़ी की तकनीकी अनुकूलता के अनुसार उपयुक्त ईंधन का चयन कर सकेंगे।
प्रस्तावित योजना के अनुसार पेट्रोल पंपों पर E20, E22, E25, E27 और E30 जैसे विभिन्न एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल उपलब्ध हो सकते हैं। वर्तमान में देश में बड़े पैमाने पर E20 पेट्रोल की आपूर्ति की जा रही है, जबकि अब इससे आगे के उच्च मिश्रण वाले विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी, घरेलू एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी और पर्यावरण प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिलेगी।
हालांकि इस व्यवस्था के लागू होने पर पेट्रोल पंपों के बुनियादी ढांचे में भी बदलाव करना होगा। प्रत्येक ईंधन प्रकार के लिए अलग भंडारण टैंक और वितरण प्रणाली की आवश्यकता होगी, जिससे तेल विपणन कंपनियों पर अतिरिक्त निवेश का दबाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव का असर वाहन मालिकों पर भी पड़ेगा। नई तकनीक वाली गाड़ियों के लिए यह व्यवस्था अनुकूल मानी जा रही है, जबकि पुराने वाहनों में ईंधन की अनुकूलता को लेकर कुछ चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं। इसके अलावा अलग-अलग मिश्रणों के कारण माइलेज और प्रदर्शन में भी अंतर देखने को मिल सकता है।
सरकारी स्तर पर इसे ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ईंधन नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में देश के ईंधन बाजार की संरचना को बदल सकता है।













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