पटना : जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में तीखे बयान देकर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। इस बार उनके निशाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी के नेता एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रहे।
प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक निर्णयों में गलत गठबंधन किए, जिसका खामियाजा उन्हें और राज्य को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति के लिए नेतृत्व की गलत प्राथमिकताएँ जिम्मेदार हैं।
वहीं सम्राट चौधरी के ‘हरे गमछे’ को लेकर दिए गए बयान पर भी प्रशांत किशोर ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रतीकात्मक मुद्दों को उछालकर जनता का ध्यान असली समस्याओं से भटकाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा व्यवस्था और पलायन जैसे गंभीर मुद्दों की जगह अब प्रतीकों और रंगों की राजनीति हावी की जा रही है।
प्रशांत किशोर ने यह भी दावा किया कि सम्राट चौधरी स्वयं पहले भी हरे गमछे का उपयोग कर चुके हैं, इसलिए इस मुद्दे को राजनीतिक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब इन राजनीतिक रणनीतियों को समझने लगी है और आने वाले समय में इसका असर चुनावी नतीजों पर दिखाई देगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रशांत किशोर के लगातार हमलों से बिहार की सियासत में बयानबाज़ी और तेज हो गई है तथा आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक ध्रुवीकरण और बढ़ सकता है।













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