स्पोर्ट्स डेस्क : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप-2026 का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह आयोजन योगासन को एक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नई पहचान देगा। उन्होंने कहा कि यह देखकर अत्यंत प्रसन्नता होती है कि आज करोड़ों लोगों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बना लिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अहमदाबाद की धरती से वैश्विक खेल विरासत में एक नया अध्याय जुड़ रहा है। उन्होंने विभिन्न देशों से आए खिलाड़ियों का भारत में स्वागत करते हुए उनके उज्ज्वल प्रदर्शन की कामना की। उन्होंने कहा कि यूनेस्को विश्व धरोहर शहर अहमदाबाद में इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का होना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा। उस दिन दुनिया के अनेक देशों में योग संबंधी कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि मुख्य कार्यक्रम कोलकाता में होगा। ऐसे में विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन स्वास्थ्य और कल्याण के लिए “डबल डोज” की तरह है।
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिभागियों से अपने-अपने देशों में योग का संदेश लेकर जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ‘योगा 365’ अभियान के राजदूत बनकर खिलाड़ी पूरे विश्व को योग से जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में चाहे कोई भी विजेता बने, लेकिन इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय का हिस्सा बनकर सभी प्रतिभागी पहले ही विजेता साबित हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की प्रतिभा और अनुशासन दुनिया भर के युवाओं को प्रेरित करेगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सभी प्रतिभागियों और आयोजकों को शुभकामनाएं भी दीं।
प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत में भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग एक दशक पहले भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था। इसका उद्देश्य भारत की इस प्राचीन परंपरा को मानवता के स्वास्थ्य और सामूहिक कल्याण से जोड़ना था। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र के 190 देशों ने भारत के इस प्रस्ताव का समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि आज ध्यान, प्राणायाम और योग विश्वभर में लोगों के जीवन का हिस्सा बनते जा रहे हैं। हर जीवंत परंपरा समय के साथ नए चरण में प्रवेश करती है और योगासन खेलों की यह विश्व चैंपियनशिप उसी नई यात्रा की शुरुआत है।
प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में योगासन अंतरराष्ट्रीय खेलों में भी अपनी जगह बनाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे ओलंपिक हो या अन्य बहु-खेल प्रतियोगिताएं, निरंतर प्रयासों से योगासन को वैश्विक खेल मंच पर स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में आयोजित यह पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।













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