डेस्क : ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में रियल एस्टेट डायरेक्टर केतन अग्रवाल की संदिग्ध मौत से जुड़े सनसनीखेज हत्याकांड की सुनवाई अब और तेज होने की संभावना है। महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले में देश के वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील (Special Public Prosecutor) नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद लिया गया।
उज्ज्वल निकम ने शुक्रवार को इस नियुक्ति की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने स्वयं उन्हें फोन कर मामले की जिम्मेदारी संभालने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने हाल ही में पुणे में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर मांग की थी कि मामले की पैरवी उज्ज्वल निकम को सौंपी जाए। सरकार ने परिवार की इस मांग को स्वीकार करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
निकम ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के दौरान उन्हें मामले के प्रारंभिक तथ्यों की जानकारी दी गई। उनके अनुसार, यह एक गंभीर और सुनियोजित आपराधिक साजिश से जुड़ा मामला प्रतीत होता है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उनकी औपचारिक भूमिका चार्जशीट दाखिल होने के बाद शुरू होगी। फिलहाल मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है, ऐसे में साक्ष्यों की कड़ियों को मजबूती से जोड़ना जांच और अभियोजन दोनों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
यह मामला 18 जून को लोनावला के पास लोहागढ़ किले में सामने आया था, जब ट्रेकिंग के दौरान केतन अग्रवाल की गिरकर मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन बाद की पुलिस जांच में इसे एक सुनियोजित हत्या करार दिया गया।
पुलिस के अनुसार, जांच में यह सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन बाबूलाल चौधरी ने मिलकर उसे ट्रेकिंग के बहाने किले पर ले जाकर धक्का देकर खाई में गिरा दिया। मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही है।













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