डेस्क : पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के नेतृत्व ढांचे में बड़े बदलाव की खबरें सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, संगठन के संस्थापक हाफ़िज़ मोहम्मद सईद अब सक्रिय संचालन से हटकर एक ‘मार्गदर्शक’ की भूमिका में आ गए हैं, जबकि उनके पुत्र ताल्हा सईद को संगठन की कमान सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव किसी औपचारिक चुनाव के बजाय संगठन के भीतर हुए आंतरिक पुनर्गठन का हिस्सा है। इसके तहत ताल्हा सईद को पहले से ही संगठन की गतिविधियों में अधिक जिम्मेदारी दी जा रही थी, जिसे अब शीर्ष नेतृत्व में औपचारिक भूमिका के रूप में मजबूत किया जा रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, लश्कर-ए-तैयबा अपने संचालन ढांचे को भी पुनर्गठित कर रहा है, जिसके तहत अलग-अलग क्षेत्रों में नई कमांड संरचनाएं तैयार की जा रही हैं। इस बदलाव को संगठन की रणनीति में पीढ़ीगत नेतृत्व हस्तांतरण के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें पुराना नेतृत्व वैचारिक और मार्गदर्शक स्तर तक सीमित होता जा रहा है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि ताल्हा सईद अब केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संगठन के निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी उनकी भूमिका बढ़ी है। वहीं हाफ़िज़ सईद संगठन की वैचारिक और संरक्षक छवि बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुनर्गठन लश्कर-ए-तैयबा की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसमें वह बदलते हालात और दबाव के बीच अपनी संगठनात्मक संरचना को फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, इसके साथ ही संगठन में वंशवादी नेतृत्व मॉडल और अधिक स्पष्ट होता दिखाई दे रहा है, जहां सत्ता का हस्तांतरण परिवार के भीतर ही केंद्रित होता जा रहा है।













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत