डेस्क : महाराष्ट्र के ठाणे की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार टेनिस कोच को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित करने में सफल नहीं रहा। पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया।
मामले के अनुसार, आरोपी टेनिस कोच पर वर्ष 2023 में 14 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस के मुताबिक, छात्रा के गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि कथित घटना के बाद भी पीड़िता आरोपी से प्रशिक्षण लेती रही। अदालत ने इस पहलू को मामले की परिस्थितियों में महत्वपूर्ण माना और पीड़िता की गवाही तथा अन्य साक्ष्यों की समीक्षा की।
अदालत ने जांच प्रक्रिया में कुछ कमियों का भी उल्लेख किया। फैसले में कहा गया कि मामले में पेश किए गए साक्ष्य आरोपी को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं थे। डीएनए जांच और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से भी कोई निर्णायक निष्कर्ष सामने नहीं आया।
विशेष अदालत ने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती। अभियोजन पक्ष को आरोप साबित करने के लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करने होते हैं। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी टेनिस कोच को बरी कर दिया।













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