पटना: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए मंगलसूत्र की बात की जा रही है। बुधवार को चुनाव प्रचार से लौटने के बाद पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में श्री यादव ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इधर-उधर की छोड़िए और महंगाई, बेरोजगारी एवं बदतर अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों की बात करिए। पीएम नरेंद्र मोदी ने राजस्थान की एक चुनावी सभा में कहा था कि ये कांग्रेस का मेनिफेस्टो कह रहा है कि वो मां-बहनों के गोल्ड का हिसाब करेंगे। उसकी जानकारी लेंगे और फिर उसे बांट देंगे। मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था कि देश की संपत्ति पर पहला अधिकार मुसलमानों का है। ये अर्बन नक्सल की सोच रखने वाले माताओं बहनों का मंगलसूत्र भी नहीं बचने देंगे।
तेजस्वी यादव ने कहा कि हमारी माताएं-बहनें मंगलसूत्र सुहाग की रक्षा व लंबी आयु के लिए पहनती हैं। उन्होंने सवाल किया कि हमारे देश की माताओं-बहनों का सुहाग कौन छिन रहा है? उन्होंने कहा कि पुलवामा में जिन जवानों ने शहादत दी, उनको शहीद का दर्जा तक नहीं दिया गया। चीन ने हमला किया, उसमें सेना के जवान शहीद हुए उनका सुहाग किसने छीना। नोटबंदी के कारण बैंकों की लाइनों में जो मरे, उनका सुहाग किसने छीना? 800 किसानों ने किसान आंदोलन में शहादत दी, बेरोजगारी, गलत कृषि नीति और बदहाल अर्थव्यवस्था के कारण लाखों किसानों, युवाओं व व्यापारियों ने आत्महत्याएं की, उनका सुहाग किसने छीना ? 2014 में दस ग्राम सोना की कीमत 24 हजार रुपये थी, आज कई गुना बढ़कर 73 हजार हो गयी है, अब देश की 95 प्रतिशत महिलाएं मंगलसूत्र तक नया नहीं खरीद सकती।
बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने पोस्ट कर मंगलसूत्र प्रकरण में पांच सवाल पूछे। उन्होंने दावा किया कि दूसरे चरण की पांचों सीटों पर उनका गठबंधन जीत दर्ज करेगा। उन्होंने कहा कि मोदी जी की वहज से महंगाई के दौर में लोग पुश्तैनी संपत्ति बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि माताओं-बहनों का सुहाग छिनने वाले अपनी उपलब्धियां (अगर है तो) गिनाने की बजाय वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए अब मंगलसूत्र के बारे में बातें कर रहे है। हमारी माताएँ बहने मंगलसूत्र किस लिए पहनती है? अपने सुहाग के लिए ना? मंगलसूत्र सुहाग की निशानी है। अब बताइए हमारे देश की माताओं-बहनों का सुहाग कौन छिन रहा है?
. पुलवामा में के जिन जवानों ने शहादत दी, उनका सुहाग मोदी सरकार ने छिना। उन्हें शहीद का दर्जा तक नहीं दिया?
. चीन ने हमला किया, उसमें सेना के जवान शहीद हुए उनका सुहाग मोदी सरकार ने छिना। बोले, हमारी सीमा में कोई नहीं घुसा है?
. नोटबंदी के तानाशाही फैसले के कारण बैंकों की लाइनों में जो मरे, उनके सुहाग किसने छिने?
. किसानों ने किसान आंदोलन में जो शहादत दी? वो किसके सुहाग थे, उन माताओं- बहनों का सुहाग और मंगलसूत्र किसने छीना?
. बेरोज़गारी, गलत कृषि नीति और बदहाल अर्थव्यवस्था के कारण जिन लाखों किसानों, युवाओं और व्यापारियों ने आत्महत्याएं की, उनका सुहाग मोदी जी किसकी वजह से छीना गया?
मोदी जी, में ग्राम सोने के मंगलसूत्र की कीमत हजार थी जो अब कई गुणा बढ़कर हजार हो गयी है। आपने महंगाई, बेरोजगारी इतनी बढ़ा दी है कि अब देश की % महिलाएँ आपके कारण अपने सुहाग की निशानी मंगलसूत्र तक भी नया नहीं खरीद सकती। मोदी जी, इधर-उधर की छोड़िए और महंगाई, बेरोज़गारी एवं बदतर अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों की बात करिए।
यूपीए की उपलब्धियां गिना सीएम वाहवाही लूटना चाह रहे हैं राजद
राजद ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केंद्र की यूपीए सरकार की उपलब्धियों को अपना बताकर वाहवाही लूटना चाह रहे हैं। मुख्यमंत्री के नाम से जारी अपील को राजद नेताओं ने गलत तथ्यों के आधार पर वोट की अपील बताया। बुधवार को प्रदेश राजद कार्यालय में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन, मृत्युंजय तिवारी, अरुण कुमार यादव एवं आरजू खान ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में ये बातें कहीं। राजद प्रवक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री हम सबके लिए काफी सम्मानीय हैं। लेकिन आजकल उनकी स्थिति है कि वे चुनावी सभाओं में लिखा हुआ भाषण बढ़ते हैं। उनके द्वारा भले ही अपील जारी की गयी है, लेकिन ऐसा लगता नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि 2005 के बाद उन्होंने राजद के साथ एक नहीं दो बार मिलकर सरकार बनायी है। राजद प्रवक्ताओं ने कहा कि जारी किए गए अपील में यह बताना चाहिए था कि बेरोजगारी और महंगाई दूर करने, किसानों की दशा सुधारने में उनकी क्या उपलब्धि रही ? कितने उद्योग-धंघे स्थापित हुए?, स्वास्थ्य एवं शिक्षा की स्थिति क्या रही ?, कानून व्यवस्था में कितना सुधार हुआ ? बिहार को विशेष राज्य का दर्जा व विशेष पैकेज क्यों नहीं मिला? पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय क्यों नहीं बनाया गया ? बिजली खरीद कर ऊंचे दरों पर उपभोक्ताओं को क्यों दिया जा रहा है ? कितने क्षेत्रों में सिंचाई का विस्तार हुआ ? आज भी लाखों पद क्यों रिक्त है ?













देश
राज्य-शहर
विदेश
बिजनेस
मनोरंजन
जीवंत
