मुंबई: मुंबई उत्तर-पश्चिम लोकसभा सीट के चुनाव परिणाम और ईवीएम को लेकर बवाल मचा हुआ है। मुंबई पश्चिम लोकसभा सीट से निर्वाचित सांसद रवींद्र वायकर के रिश्तेदार की ओर से कथित तौर पर 4 जून को मतगणना केंद्र के भीतर मोबाइल इस्तेमाल करने का मामला भी तूल पकड़ने लगा है। इस बीच, चुनाव आयोग ने साफ़ कर दिया है कि कोर्ट के आदेश के बिना वो सीसीटीवी फुटेज किसी को नहीं देगा। यहां तक कि पुलिस को भी यह फुटेज नहीं दिया जाएगा। 4 जून को मतगणना के दिन शिंदे शिवसेना गुट के नव निर्वाचित सांसद रविंद्र वायकर के रिश्तेदार की मोबाइल पर ईवीएम का ओटीपी आने की बात सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वायकर से चुनाव हारनेवाले उद्धव सेना के उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर ने चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में जाने की बात कही है। कीर्तिकर ने कहा कि पूरे मामले पर कानूनी विशेषज्ञों से विचार-विमर्श हो रहा है। इसमें चीफ इलेक्शन एजेंट व अन्य लोग शामिल हैं।
अमोल कीर्तिकर ने कहा कि हम हाई कोर्ट में री-काउंटिंग और सीसीटीवी फुटेज की जांच के साथ री-इलेक्शन की मांग करेंगे। हम ड्रॉफ्ट तैयार कर रहे हैं। अगले 8 से 10 दिनों में हाई कोर्ट में केस फ़ाइल करेंगे।
मतगणना के दिन यह हुआ था
मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट का चुनाव परिणाम पहले दिन से ही विवादों में है। इस निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले कई उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग से शिकायत की है। इस सीट से रविंद्र वायकर री-काउंटिंग के बाद मात्र 48 वोटों से चुनाव जीते हैं। इसे लेकर मतगणना के वक्त भी काफी विवाद हुआ था। रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने कहा कि विरोध के बाद काउंटिंग सेंटर पर पोस्टल बैलेट का वेरिफिकेशन किया गया। पोस्टल बैलेट पेपर की दोबारा जांच की गई। इसमें कोई भी री-काउंट नहीं हुआ। 48 वोटों की जो लीड थी, दोबारा जांच के बाद भी वही रही। मतगणना और अज्ञात व्यक्ति के पास मोबाइल का होना, दोनों अलग-अलग मुद्दे हैं।













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