नई दिल्ली। जेल में बंद कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह को लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के लिए पैरोल पर दिल्ली लाया जा रहा है। आज संसद में शपथ लेते ही वो माननीय सांसद हो जाएंगे। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से लोकसभा चुनाव जीता है। हालांकि पैरोल पर जेल से बाहर आ रहे अमृतपाल के लिए मजिस्ट्रेट ने 10 शर्ते रखी हैं। उन्हें अपने परिवार से मिलने की अनुमति होगी, लेकिन दिल्ली से बाहर नहीं जा सकेंगे। अमृतपाल पर पंजाब जाने पर पाबंदी होगी।
पंजाब में अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी पैरोल आदेश में निर्धारित शर्तों के अनुसार, दिल्ली में रहते हुए अमृतपाल सिंह और न ही उनके रिश्तेदार या परिवार के सदस्य मीडिया के किसी भी रूप में बयान दे सकते हैं। उन्हें पिछले साल 23 अप्रैल को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया था। असम के डिब्रूगढ़ जिले की जेल में रहते हुए हाल के संसदीय चुनावों में पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट जीतने वाले खालिस्तान समर्थक सिंह शुक्रवार को शपथ लेने वाले हैं।
पैरोल की 10 शर्तें
सूत्रों ने बुधवार को बताया कि 31 वर्षीय सिंह को शपथ ग्रहण के लिए विमान से असम से दिल्ली लाया जाएगा और उनकी चार दिन की पैरोल अवधि पांच जुलाई से शुरू होगी। पैरोल आदेश में 10 शर्तों का उल्लेख किया गया है, जिसमें कहा गया है कि अस्थायी रिहाई की अवधि में डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल से नई दिल्ली तक जाने और वापस आने में लगने वाला समय शामिल होगा। इसमें कहा गया है कि वह “अस्थायी रिहाई की अवधि के दौरान वह नई दिल्ली क्षेत्र के अलावा किसी अन्य न्यायिक क्षेत्राधिकार में प्रवेश नहीं करेंगे”।
मीडिया में कोई बयान नहीं
आदेश के मुताबिक, “अमृतपाल सिंह या उनके किसी भी रिश्तेदार को अमृतपाल के किसी भी बयान की वीडियोग्राफी करने और/या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक रूप में ऐसे किसी भी बयान को प्रसारित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” इसमें कहा गया है कि वह “ऐसा कोई कार्य करने या ऐसा कोई बयान देने से परहेज करेंगे जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हानिकारक हो।”
परिवार से भी सीमित मुलाकात
आदेश में कहा गया है, “पंजाब बंदी (हिरासत की स्थिति) आदेश, 1981 की धारा 2 (सी) के तहत परिभाषित अमृतपाल के रिश्तेदारों को उस अवधि के दौरान उससे मिलने की अनुमति दी जाएगी, जब तक वह नई दिल्ली में रहेगा।” सिंह के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के संबंध में आदेश में कहा गया है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी), अमृतसर (ग्रामीण) द्वारा जितनी उचित समझी जाएगी उनके साथ उतनी संख्या में पुलिस कर्मी रहेंगे।
हर वक्त साथ रहेगी पुलिस
इसमें कहा गया है कि ये कर्मी जेल से उसकी अस्थायी रिहाई की तारीख और समय से लेकर उसके हिरासत की अवधि जारी रखने के लिए वापस जेल लौटने तक उसके साथ रहेंगे। आदेश में कहा गया कि उस समयावधि के दौरान, जब सिंह संसद भवन परिसर में उपस्थित होंगे, “उनके साथ उतनी संख्या में पुलिस कर्मी या अन्य सुरक्षा कर्मी रहेंगे, जितनी लोकसभा के महासचिव द्वारा अनुमति दी गई हो”।
इसमें कहा गया है कि जिस अवधि के दौरान सिंह के संसद परिसर में रहने की आवश्यकता नहीं होगी, उन्हें “नयी दिल्ली में ऐसे स्थान पर रखा जाएगा, जिसे एसएसपी, अमृतसर (ग्रामीण) विभिन्न सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त समझें।” पैरोल आदेश में कहा गया है कि एसएसपी शर्तों के अनुपालन के लिए लोकसभा महासचिव के साथ समन्वय करेंगे।
गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह “वारिस पंजाब दे” संगठन का प्रमुख है। उसे उसके नौ सहयोगियों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जेल में बंद किया गया है। अमृतपाल को पिछले साल 23 अप्रैल को मोगा के रोडे गांव में गिरफ्तार किया था।













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