कोलकाता: पश्चिम बंगाल में निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए विशेष गहन संशोधन के बाद राज्य की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिले हैं। आयोग की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार अब तक ६१,३६,९५२ मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं और लगभग ६० लाख मतदाताओं के नाम “विचाराधीन” के रूप में चिह्नित किए गए हैं।
मतदाता संख्या में गिरावट
विशेष गहन संशोधन के बाद अब राज्य में कुल मतदाता संख्या लगभग ७.०४ करोड़ रह गई है, जबकि संशोधन शुरू होने से पहले यह संख्या लगभग ७.६६ करोड़ थी। हटाए गए नामों में मृत, स्थान बदल चुके या डुप्लीकेट मतदाता शामिल हैं।
विचाराधीन मतदाता
विचाराधीन सूची में शामिल लगभग ६०,०६,६७५ मतदाताओं के नामों की समीक्षा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त ५०१ न्यायिक अधिकारियों द्वारा की जा रही है। जब तक यह समीक्षा पूरी नहीं होती, ये मतदाता आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे।
प्रक्रिया और उद्देश्य
विशेष गहन संशोधन का उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। यह प्रक्रिया राज्य में चुनावों से पहले लगभग चार महीने तक चली और इसमें निर्वाचन आयोग ने विशेष निगरानी के लिए सूक्ष्म पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे। आयोग ने कहा है कि प्रक्रिया में कुछ मामूली त्रुटियाँ पाई गई हैं, जिन्हें शीघ्र ठीक किया जाएगा।
आगे की स्थिति
- जिन मतदाताओं के नाम विचाराधीन हैं, उनके लिए पूरक सूची जारी होने पर ही मतदान का अधिकार सुनिश्चित होगा।
- न्यायिक अधिकारियों द्वारा समीक्षा के बाद कई नाम सूची में वापस भी शामिल किए जा सकते हैं।
विशेष गहन संशोधन पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले की गई सबसे बड़ी मतदाता सूची सफाई मानी जा रही है। यह कदम आगामी चुनावों को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।













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