डेस्क : महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने उद्योगपति गौतम अडाणी पर तीखा हमला करते हुए केंद्र सरकार पर एक ही कॉर्पोरेट समूह को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि देश के अधिकांश हवाई अड्डे, बंदरगाह और कई अन्य अहम क्षेत्रों पर अब अडाणी ग्रुप का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है।
राज ठाकरे ने 2014 से 2025 के बीच अडाणी ग्रुप के विस्तार को दर्शाने वाले नक्शे और वीडियो साझा किए, जिनमें बिजली, सीमेंट, बंदरगाह, हवाई अड्डों के साथ-साथ महाराष्ट्र के मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में चल रही परियोजनाओं का विवरण शामिल था। उनके मुताबिक, यह विस्तार सामान्य कारोबारी वृद्धि नहीं, बल्कि सत्ता के संरक्षण में हुआ तेज एकीकरण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की मदद से लगातार महत्वपूर्ण परियोजनाएं एक ही कॉर्पोरेट समूह को सौंपी जा रही हैं, जिससे देश और राज्य में एकाधिकार की स्थिति बन रही है। राज ठाकरे ने चेतावनी दी कि यदि इस रफ्तार को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो महाराष्ट्र की बड़ी जमीनें और सार्वजनिक संपत्तियां धीरे-धीरे कुछ चुनिंदा हाथों में सिमट जाएंगी।
बीएमसी चुनाव को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ वर्षों में अडाणी ग्रुप ने असाधारण तेजी से बिजली, बंदरगाह, हवाई अड्डों और राज्य के लगभग हर प्रमुख क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की है। उन्होंने लोगों से इस विस्तार के “चौंकाने वाले पैमाने” को देखने और समझने की अपील की।
इससे पहले 11 जनवरी को दादर के शिवाजी पार्क में शिवसेना (यूबीटी) के साथ आयोजित संयुक्त रैली में भी राज ठाकरे ने 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद अडाणी ग्रुप की तेज प्रगति पर सवाल उठाए थे। रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि यह मराठी लोगों के लिए आखिरी चुनाव साबित हो सकता है।
राज ठाकरे ने कहा था, “अगर आज आपने वोटिंग को हल्के में लिया, तो इसे पक्की हार मानिए। अगर यह शहर आज आपके हाथ से उनके हाथ में चला गया, तो कल आप किससे शिकायत करेंगे?” उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से ऊपर उठकर मराठी समाज से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र के भविष्य के लिए एक होना जरूरी है।













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