डेस्क : उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 इस वर्ष 19 अप्रैल से आरंभ होने जा रही है। यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि इस बार यात्रा के दौरान मंदिरों की गरिमा बनाए रखने के लिए कई सख्त नियम लागू किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि चारधाम में गैर-सनातनियों के प्रवेश को लेकर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन, फोटो खींचने, वीडियो बनाने और सोशल मीडिया रील्स पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। विशेष रूप से मंदिर परिसर के 70 मीटर के दायरे में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
मंदिर की गरिमा के लिए कड़े फैसले
बीकेटीसी अध्यक्ष के अनुसार, ये सभी निर्णय मंदिरों की पवित्रता और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 11,68,644 श्रद्धालु यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं, जिससे इस बार भारी भीड़ की संभावना जताई जा रही है।
ऑनलाइन पूजा बुकिंग जल्द
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जल्द ही बीकेटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पूजा बुकिंग शुरू की जाएगी। इससे भक्त घर बैठे ही अपनी पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित कर सकेंगे। इसके अलावा, यात्रियों के लिए विश्राम गृहों और अन्य सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा रहा है ताकि दर्शन प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम हो सके।
गैर-सनातनियों के मुद्दे पर क्या कहा
गैर-सनातनियों के प्रवेश को लेकर उठे विवाद पर हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अन्य धर्म के व्यक्ति में सनातन परंपरा के प्रति सच्ची आस्था है, तो उसे प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। यह विवाद तब चर्चा में आया जब बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान के चारधाम यात्रा से जुड़े सवाल उठे थे।
कपाट खुलने की तिथियां
चारधाम के कपाट निम्न तिथियों पर श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे—
- यमुनोत्री और गंगोत्री धाम: 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया)
- केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल, सुबह लगभग 8 बजे
- बदरीनाथ धाम: 23 अप्रैल, प्रातः 6:15 बजे (ब्रह्म मुहूर्त)
वहीं, हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तिथि मई में अलग से घोषित की जाएगी।
इस बार प्रशासन का फोकस साफ है—आस्था, अनुशासन और सुविधा—ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन कर सकें।













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