डेस्क : राजस्थान की राजनीति में इन दिनों कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से लेकर विधानसभा में वितरित एक बुकलेट तक का मुद्दा गरमाया हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
एआई समिट पर सियासी टकराव
राज्य सरकार के मंत्री अविनाश गहलोत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एआई समिट जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय पर देश आगे बढ़ रहा है और तकनीकी विकास की दिशा में सकारात्मक संदेश दे रहा है, लेकिन कांग्रेस इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के विरोध प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गलत संदेश जा सकता है।
मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा जारी वीडियो और ऑडियो संदेशों के बाद इस तरह के प्रदर्शनों को बल मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका है।
बुकलेट को लेकर विधानसभा में हंगामा
इसी बीच विधानसभा में राजस्व विभाग की ओर से वितरित एक बुकलेट को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। बुकलेट पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की तस्वीर प्रकाशित होने पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इसे सरकारी संसाधनों के राजनीतिक उपयोग का मामला बताया।
हालांकि राजस्व मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि बुकलेट उनके निजी व्यय से प्रकाशित कराई गई है और इसका उद्देश्य विभागीय उपलब्धियों को सामने रखना था। मंत्री अविनाश गहलोत ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
रिफाइनरी उद्घाटन का जिक्र
मंत्री ने वर्ष 2013 का हवाला देते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सत्ता से जाते समय रिफाइनरी का उद्घाटन कराया था। उस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से उद्घाटन कराया था। उन्होंने पूछा कि उस समय पार्टी पदाधिकारी की मौजूदगी पर कांग्रेस ने आपत्ति क्यों नहीं जताई।
कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर टिप्पणी
मंत्री गहलोत ने यह भी दावा किया कि हाल में हुई कांग्रेस की बैठक में वरिष्ठ नेता शांति धारीवाल और पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच तीखी बहस हुई। उनका कहना था कि कांग्रेस को पहले अपने संगठनात्मक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
सरकार के जवाब की प्रतीक्षा
विधानसभा के भीतर और बाहर जारी बयानबाजी के बीच संकेत मिले हैं कि सरकार इस पूरे प्रकरण पर औपचारिक जवाब दे सकती है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक विरोध बता रही है, जबकि भाजपा इसे देश की छवि और विकास से जोड़ रही है।
एआई समिट से लेकर बुकलेट विवाद तक फैला यह राजनीतिक टकराव दर्शाता है कि विधानसभा सत्र के दौरान राज्य की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने वाला है।













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