डेस्क : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने उन लाखों खाताधारकों के लिए राहत की घोषणा की है, जिनके पीएफ खाते लंबे समय से निष्क्रिय हैं। अब इन निष्क्रिय (इनऑपरेटिव) खातों में जमा राशि सीधे खाताधारकों के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी।
निष्क्रिय पीएफ खाते क्या हैं?
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, यदि किसी खाते में लगातार ३६ माह तक कर्मचारी या नियोक्ता का योगदान नहीं आता, तो उसे निष्क्रिय पीएफ खाता माना जाता है। ऐसे खाते अक्सर नौकरी बदलने, पीएफ ट्रांसफर न कराने या लंबे समय तक खाता न चलाने के कारण निष्क्रिय हो जाते हैं।
राशि और प्रक्रिया
ईपीएफओ के अनुसार, देश में कुल लगभग ३१.८६ लाख निष्क्रिय पीएफ खाते हैं, जिनमें लगभग रु १०,९०३ करोड़ जमा हैं। इनमें से छोटे बैलेंस वाले लगभग ७ लाख खाते (रु १,००० या उससे कम) प्राथमिकता से निपटाए जाएंगे।
राशि सीधे खाताधारकों के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा की जाएगी। यदि खाताधारक का निधन हो चुका है, तो पैसा उनके नामित व्यक्ति या वैध उत्तराधिकारी को मिलेगा।
ब्याज का नियम
ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि निष्क्रिय खातों पर कोई नया ब्याज नहीं जुड़ता। पीएफ खाते पर ब्याज केवल तब मिलता है जब सदस्य ५८ वर्ष की आयु तक खाता सक्रिय रखता है।
ईपीएफओ की सलाह
- वर्तमान में किसी नौकरी में कार्यरत पीएफ सदस्यों को पुराने खाते का नए खाते में ट्रांसफर कराने की सलाह दी गई है।
- रिटायर सदस्य अपने निष्क्रिय पीएफ खाते से पूरी राशि निकाल सकते हैं।
ईपीएफओ का यह कदम खाताधारकों के लिए राहत और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। खाताधारक अब डिजिटल माध्यम से अपने पीएफ खाते की स्थिति आसानी से जांच सकते हैं और समय रहते जरूरी कार्रवाई कर सकते हैं।













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