डेस्क: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, यूक्रेन और अमेरिका के बीच ड्रोन सहयोग को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका को शाहेद ड्रोन के खिलाफ मदद की पेशकश की थी, जिस पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि यूक्रेन वह आखिरी देश होगा, जिससे अमेरिका ईरान के खिलाफ मदद मांगेगा।
ट्रंप ने शनिवार को एक इंटरव्यू में कहा, “हमें मदद की जरूरत नहीं है। हमारे पास दुनिया के बेहतरीन ड्रोन सिस्टम हैं, जो ईरान में अपना काम कर रहे हैं। और जेलेंस्की वह आखिरी व्यक्ति होंगे, जिससे अमेरिका मदद लेगा।” हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका ने यूक्रेन की मदद स्वीकार की है या नहीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमलों का जवाब खाड़ी देशों पर सस्ते शाहेद ड्रोन से हमला कर दिया है। यूक्रेन, जो पिछले चार साल से रूस के खिलाफ इसी तरह के ड्रोन का सामना कर रहा है, ने दावा किया कि अमेरिका सहित कई अन्य देशों ने भी उनके विशेषज्ञों और तकनीक की मदद मांगी है। यूक्रेन ने इन ड्रोन्स को रोकने के लिए विशेष एयर डिफेंस सिस्टम विकसित किया है और कई विशेषज्ञ टीमों को अन्य देशों में भेजा गया है।
जेलेंस्की की पेशकश के बाद ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी। ईरान का कहना है कि अमेरिका और इजरायल को समर्थन देने के साथ, यूक्रेन भी युद्ध में सीधे तौर पर शामिल हो गया है और अब ईरान यूक्रेन पर भी हमला कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन ड्रोन ऑपरेशन में काफी परिपक्व हो चुका है और रूस तथा ईरान द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रोन टेक्नोलॉजी में समानता के कारण यूक्रेन ने किफायती और प्रभावी समाधान विकसित किया है। हालांकि, यूक्रेन ने अपनी तकनीक और मदद के बदले में हथियारों की मांग की है।













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