तेहरान: ईरान की सत्ता को लेकर एक बार फिर अनिश्चितता गहराती नजर आ रही है। ताज़ा रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि देश के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की हालत बेहद गंभीर है और उन्हें पवित्र शहर क़ोम में इलाज के लिए रखा गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक खुफिया-आधारित कूटनीतिक मेमो के हवाले से कहा जा रहा है कि 56 वर्षीय मौलाना इस समय बेहोश हैं और गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति में वह किसी भी अहम फैसले लेने की स्थिति में नहीं बताए जा रहे।
गौर करने वाली बात यह है कि मौजूदा संघर्ष के तेज़ होने के बाद पहली बार सर्वोच्च नेता की लोकेशन को लेकर कोई जानकारी सामने आई है।
क़ोम, जो तेहरान से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है, ईरान में शिया इस्लाम का सबसे बड़ा धार्मिक केंद्र माना जाता है और यहां का धार्मिक प्रभाव बेहद अहम है।
उत्तराधिकार के बाद से नहीं दिखे सार्वजनिक रूप से
मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद से अब तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। अली खामेनेई की 28 फरवरी को कथित तौर पर अमेरिका-इज़राइल के हवाई हमलों में मौत हो गई थी।
ईरानी अधिकारियों ने यह तो माना है कि उन हमलों में मोजतबा खामेनेई घायल हुए थे, लेकिन उनका कहना है कि वह अब भी देश की कमान संभाले हुए हैं। हालांकि, उनकी लगातार गैरमौजूदगी और अब तक कोई ऑडियो या वीडियो संदेश सामने न आने से अटकलें और तेज़ हो गई हैं।
राज्य टीवी पर उनके नाम से बयान जरूर प्रसारित किए गए हैं, लेकिन इनमें उनकी कोई सीधी रिकॉर्डिंग नहीं है।
दफन की तैयारियों से बढ़े सवाल
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि क़ोम में अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि वहां एक बड़े मकबरे के निर्माण की तैयारी चल रही है, जिसमें कई कब्रों की जगह होगी।
इसी के साथ कुछ रिपोर्ट्स में यह आशंका भी जताई गई है कि मोजतबा खामेनेई को भी उसी जगह दफनाया जा सकता है। हालांकि, इस तरह के दावे अब तक आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं किए गए हैं।
कोई आधिकारिक बयान नहीं
इन सभी खबरों पर अब तक न तो ईरान की तरफ से और न ही अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जारी संघर्ष के बीच इस तरह की खुफिया रिपोर्ट्स को सावधानी से देखना चाहिए, क्योंकि यह सूचना युद्ध (इन्फॉर्मेशन वॉरफेयर) का हिस्सा भी हो सकती हैं।
फिलहाल, क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के शीर्ष नेतृत्व को लेकर बना यह असमंजस देश की आंतरिक स्थिरता और वैश्विक राजनीति—दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।













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