डेस्क : अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी सीमा विवाद ने अब गंभीर सैन्य टकराव का रूप ले लिया है। ताजा घटनाक्रम में तालिबान नियंत्रित अफगान बलों ने पाकिस्तान के खिलाफ व्यापक जवाबी सैन्य अभियान शुरू करने का दावा किया है। तालिबान सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, इस कार्रवाई में अब तक 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं और 19 सैन्य चौकियों को नष्ट कर दिया गया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
यह सैन्य कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा अफगान सीमा क्षेत्र में की गई हालिया हवाई हमलों के जवाब में बताई जा रही है। काबुल का आरोप है कि पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक में निर्दोष नागरिक, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे, हताहत हुए। इसके बाद अफगान रक्षा मंत्रालय ने “जैसे को तैसा” नीति अपनाते हुए सीमा क्षेत्रों में भारी गोलाबारी और जमीनी हमले शुरू किए।
दोनों देशों की सेनाओं के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी ‘डूरंड रेखा’ पर लगातार गोलीबारी और हवाई हमले हो रहे हैं। कतर की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम लगभग निष्प्रभावी हो चुका है। शुक्रवार को स्थिति तब और बिगड़ गई जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के प्रमुख शहरों पर हवाई हमले किए, जिसके जवाब में अफगान बलों ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों को निशाना बनाया।
हमले और जवाबी कार्रवाई का क्रम
रविवार:
पाकिस्तान ने अफगान सीमा क्षेत्रों में हवाई हमले किए। इस्लामाबाद ने दावा किया कि इन हमलों में 70 आतंकवादी मारे गए, जबकि काबुल ने आरोप लगाया कि मदरसों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिससे कई नागरिकों की मौत हुई।
गुरुवार रात:
अफगान बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के भीतर सीमा पार हमले किए। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी सेना की “उकसावे की कार्रवाई” के खिलाफ छह प्रांतों में व्यापक सैन्य जवाब दिया गया।
शुक्रवार तड़के:
पाकिस्तान ने काबुल, दक्षिणी प्रांत कंधार और दक्षिण-पूर्वी प्रांत पक्तिया में हवाई हमले किए। राजधानी काबुल में कम से कम तीन विस्फोटों की आवाज सुनी गई।
शुक्रवार दोपहर:
एयरस्ट्राइक के बाद अफगान बलों ने कंधार और हेलमंद की दिशा में पाकिस्तानी ठिकानों पर हमले तेज कर दिए। जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया मंच X पर बयान जारी कर कहा कि काबुल, कंधार और अन्य प्रांतों में हुए हमलों के बाद बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
तोरखम सीमा पर हालात गंभीर
संघर्ष का सबसे अधिक प्रभाव तोरखम सीमा क्षेत्र में देखा जा रहा है। अफगान रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, तोरखम के पास एक शरणार्थी शिविर पर हुए मिसाइल हमले में 13 नागरिक घायल हुए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। प्रशासन ने एहतियातन शिविर को खाली कराना शुरू कर दिया है।
वहीं पाकिस्तान की ओर से स्थानीय पुलिस का कहना है कि अफगानिस्तान की तरफ से दागे गए मोर्टार गोले सीमावर्ती गांवों में गिरे, लेकिन किसी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है। सीमा पार जाने की प्रतीक्षा कर रहे अफगान शरणार्थियों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है।
डूरंड रेखा और टीटीपी विवाद
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को ‘डूरंड रेखा’ कहा जाता है। अफगानिस्तान इस सीमा को आधिकारिक मान्यता नहीं देता, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बना रहता है।
पाकिस्तान में हाल के वर्षों में बढ़े आतंकी हमलों के लिए इस्लामाबाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूच अलगाववादियों को जिम्मेदार ठहराता है। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी अफगानिस्तान की जमीन से संचालित हो रहा है, जबकि काबुल इन आरोपों को खारिज करता आया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की अपील
बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मतभेदों का समाधान कूटनीतिक माध्यमों से किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र में व्यापक अस्थिरता को रोका जा सके।













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