डेस्क : फिल्मकार अनुराग कश्यप ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री की अंदरूनी कार्यशैली पर ऐसा बयान दिया है, जिसने चर्चा तेज कर दी है। अपने तीखे और साफ शब्दों के लिए पहचाने जाने वाले अनुराग ने कहा है कि इंडस्ट्री में तारीफ और सराहना अक्सर सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलती है, जो पहले से सफल हो चुके होते हैं।
अनुराग कश्यप ने बातचीत के दौरान साफ कहा कि वह खुद हमेशा दूसरों के काम की खुलकर प्रशंसा करते हैं, लेकिन इसके बदले में वैसी प्रतिक्रिया बहुत कम देखने को मिलती है। उनके मुताबिक, बॉलीवुड में “पहले सफलता चाहिए, फिर सम्मान मिलता है”—यही एक अनकहा नियम बन चुका है।
उनके इस बयान को इंडस्ट्री के भीतर मौजूद प्रतिस्पर्धा और अंदरूनी राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है, जहां नए और संघर्षरत कलाकारों को अक्सर वह पहचान नहीं मिलती, जिसके वे हकदार होते हैं।
इसी बातचीत में उनकी फिल्म ‘डकैत’ की सह-कलाकार मृणाल ठाकुर ने भी सहमति जताते हुए कहा कि इंडस्ट्री में ऐसे लोग कम हैं जो सच में दूसरों की मेहनत और काम को खुले दिल से सराहते हैं।
गौरतलब है कि अनुराग कश्यप लंबे समय से बॉलीवुड की कार्यसंस्कृति, व्यावसायिक दबाव और रचनात्मकता की स्थिति को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। वे अक्सर यह कहते नजर आते हैं कि यहां कला से ज्यादा बॉक्स ऑफिस की सफलता को प्राथमिकता दी जाती है।
अब उनका यह बयान एक बार फिर इस बहस को हवा दे रहा है कि क्या बॉलीवुड में वास्तविक प्रतिभा की पहचान तभी होती है जब वह “हिट” साबित हो जाए?













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