स्पोर्ट्स डेस्क: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया की शानदार जीत के बाद युवा खिलाड़ी अभिषेक शर्मा को लेकर अहम बातें साझा कीं। गंभीर ने कहा कि किसी खिलाड़ी की फॉर्म का आकलन केवल रन स्कोर से नहीं किया जा सकता। उन्होंने खुद के अनुभवों को उदाहरण देते हुए बताया, “मेरा अनुभव तो उससे भी बदतर रहा था, फिर भी मैंने भरोसा बनाए रखा।”
अभिषेक शर्मा को मिला कोच का भरोसा
वर्ल्ड कप के दौरान अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन औसत रहा। 8 मैचों में उन्होंने कुल 141 रन बनाए और तीन बार लगातार शून्य पर आउट हुए। इस दौरान कई लोग उन्हें टीम से बाहर करने की बात सोच सकते थे, लेकिन गंभीर ने उन्हें लगातार समर्थन दिया। उनके अनुसार, खिलाड़ी की मानसिक तैयारी और सोच भी फॉर्म को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
गंभीर ने साझा किया अपना अनुभव
गंभीर ने याद दिलाया कि आईपीएल 2014 में उनका खुद का रिकॉर्ड भी खराब था, जब उन्होंने 4 मैचों में लगातार शून्य पर आउट होना पड़ा। उस समय भी उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और कहा, “20–30 गेंदों तक खेलकर ही फॉर्म का सही आंकलन किया जा सकता है।”
टीम का भरोसा और ड्रेसिंग रूम का महत्व
गंभीर ने यह भी कहा कि “दुनिया क्या सोचती है, इससे फर्क नहीं पड़ता। असली मायने यह रखते हैं कि ड्रेसिंग रूम में 30 लोग आप पर कितना भरोसा करते हैं।” उनके समर्थन का असर फाइनल मुकाबले में देखा गया, जब अभिषेक शर्मा ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ सिर्फ 21 गेंदों में 52 रन की शानदार पारी खेली और टीम की जीत में अहम योगदान दिया।
युवा खिलाड़ियों के लिए संदेश
गंभीर का यह बयान सिर्फ अभिषेक शर्मा के लिए ही नहीं, बल्कि सभी युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी खिलाड़ी के फॉर्म और प्रदर्शन का मूल्यांकन केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि उसकी मानसिक दृढ़ता और टीम के विश्वास से किया जाना चाहिए।













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