रोम : अमेरिका के लिए बड़ा झटका तब आया जब इटली ने सिसिली के सिगोनेला एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य विमानों को मध्य-पूर्व में संचालन के लिए उतरने की अनुमति देने से इंकार कर दिया। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिका और उसके सहयोगी मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का सामना कर रहे हैं।
अनुमति से इंकार
स्रोतों के अनुसार, इटली ने यह अनुमति इसलिए नहीं दी क्योंकि औपचारिक स्वीकृति नहीं मिली थी और सैन्य नेतृत्व से परामर्श भी पर्याप्त नहीं हुआ था। कई अमेरिकी बॉम्बर विमान सिसिली बेस पर उतरने के लिए निर्धारित थे, लेकिन इतालवी अधिकारियों ने सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी। इटली के रक्षा मंत्रालय ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
स्पेन के कदम के बाद
इससे पहले स्पेन ने भी अमेरिकी विमानों को मध्य-पूर्व मिशनों के लिए अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से मना किया था। विश्लेषकों का कहना है कि यह यूरोपीय देशों द्वारा अमेरिकी सैन्य अभियानों पर बढ़ते नियंत्रण और औपचारिक प्रक्रियाओं की मांग को दर्शाता है।
भू-राजनीतिक असर
- इस फैसले ने NATO सहयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि यूरोपीय सहयोगी अपनी भूमि पर सैन्य गतिविधियों पर अधिक नियंत्रण चाहते हैं।
- अमेरिकी रणनीतिक योजनाओं के लिए यह लॉजिस्टिक और कूटनीतिक चुनौती पैदा कर सकता है।
- यह कदम यूरोप की सावधानीपूर्ण नीति और अमेरिकी सैन्य वृद्धि पर संतुलन की कोशिश को भी दर्शाता है।
रणनीतिक संदेश
इटली का यह निर्णय और स्पेन की पूर्व कार्रवाई अमेरिका के लिए स्पष्ट संदेश है: यूरोपीय देश अब विदेशी सैन्य गतिविधियों पर अधिक पारदर्शिता और नियंत्रण चाहते हैं। अमेरिका के लिए यह मध्य-पूर्व संचालन में एक कठिनाई और चुनौती के रूप में सामने आएगा।













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