पटना। बिहार से राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पूरी गोपनीयता के साथ अपनी चुनावी रणनीति बना रहा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास पर गुरुवार रात एनडीए विधायकों को बैठक और रात्रि भोज के लिए बुलाया गया था, लेकिन वहां सिर्फ मतदान प्रक्रिया के बारे में बताया गया और सही तरीके से वोट की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग देने का काम भाजपा के पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा ने किया, जो खुद भी मधुबनी की झंझारपुर सीट से विधायक हैं। एनडीए का कौन सा विधायक किस कैंडिडेट को वोट देगा, यह सस्पेंस अभी बनाकर रखा गया है। सूत्रों का कहना है कि एनडीए अपने विधायकों को मतदान से ठीक पहले 15 मार्च की रात ही बताएगा कि कौन किसे वोट करेगा।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा, जदयू, रालोमो, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी – रामविलास (लोजपा-आर) और जीतनराम मांझी की हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) के विधायक चुनाव से पहले उपेंद्र कुशवाहा और विजय कुमार चौधरी की मेजबानी में दो बार रात्रि भोज के बहाने जुटेंगे। खुद चुनाव लड़ रहे रालोमो अध्यक्ष कुशवाहा शनिवार 14 मार्च को रात्रि भोज दे रहे हैं, जबकि जदयू के मंत्री विजय कुमार चौधरी 15 मार्च रविवार को बैठक की मेजबानी करेंगे। सूत्रों का कहना है कि विधायकों को संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी के आवास पर शाम 7 बजे से होने वाली बैठक में वोट से 15 घंटे पहले ही बताया जाएगा कि उन्हें किस कैंडिडेट को वोट देना है।
इस चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, जेडीयू नेता रामनाथ ठाकुर और भाजपा नेता शिवेश राम एनडीए के कैंडिडेट हैं। एनडीए के घटक दलों के पास 202 विधायकों के वोट हैं, जिनसे वो जीत के लिए जरूरी 41 वोट के हिसाब से 4 सीट पक्का निकाल लेगा। 5वीं सीट के लिए उसके पास खुद के 38 वोट हैं और जीत के लिए 3 वोट का जुगाड़ विपक्षी दलों में क्रॉस वोटिंग से करना होगा। विपक्ष से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अमरेंद्र धारी सिंह उर्फ एडी सिंह को लड़ाया है, जिन्हें एनडीए के 5वें कैंडिडेट से लड़कर सांसदी बचानी है।
एनडीए के सारे कैंडिडेट को जिताने के लिए भाजपा ने केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा और छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा को पर्यवेक्षक बनाकर पटना भेजा है। दोनों नेता दो दिनों से पटना में कैंप कर रहे हैं और एनडीए के 5वें कैंडिडेट के लिए घट रहे वोटों का जुगाड़ लगा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा की नजर बसपा के इकलौते विधायक सतीश सिंह यादव, आईआईपी के अध्यक्ष और अकेले विधायक आईपी गुप्ता के साथ-साथ कांग्रेस के कुछ विधायकों पर है। क्रॉस वोटिंग से लेकर वोट से दूर रखने जैसे उपायों की चर्चा चल रही है।
लालू यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी राजद के कैंडिडेट एडी सिंह अरबपति कैंडिडेट हैं, जिससे राज्यसभा चुनाव में विधायकों के वोट के लिए नोट की नदियां बहने की चर्चा भी चल रही है। सिंह का दावा है कि वो हारने के लिए नहीं लड़ रहे हैं। राजद के पास 25 विधायक हैं। महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, लेफ्ट और आईआईपी को लेकर 35 विधायक हैं। असदुद्दीन ओवैसी और मायावती के दल के 6 विधायक ऐसे हैं, जो ना सरकार के साथ हैं, ना महागठबंधन का हिस्सा हैं। तेजस्वी और ओवैसी के बीच बात बनने की खबरें हैं, लेकिन समर्थन का खुला ऐलान नहीं हुआ है।













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