डेस्क:बीते कुछ साल में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों की स्थिति सुधारने के लिए कई तरह के प्रयास किए हैं। इसी के तहत सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। अब किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को भी रिवाइज किया गया है। सरकार सस्ती ब्याज पर किसानों को 5 लाख रुपये लिमिट वाले क्रेडिट कार्ड देने वाली है।
किसान क्रेडिट कार्ड की बात करें तो यह एक बैंकिंग प्रोडक्ट है जो किसानों को बीज, उर्वरक और कीटनाशक जैसी कृषि वस्तुएं खरीदने के साथ-साथ फसल उत्पादन और इससे जुड़ी गतिविधियों से संबंधित नकदी जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। इसके तहत कब ब्याज पर क्रेडिट कार्ड के जरिए भुगतान किया जा सकता है। साल 2019 में योजना को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों की वर्किंग कैपिटल जरूरतों को कवर करने के लिए विस्तारित किया गया था।
वित्त मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक 31 दिसंबर, 2024 तक चालू किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों के तहत रकम 10 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई है। इससे 7.72 करोड़ किसानों को फायदा हुआ है। मार्च, 2014 में चालू केसीसी की राशि 4.26 लाख करोड़ रुपये थी।
संशोधित ब्याज अनुदान योजना (एमआईएसएस) के तहत किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 3 लाख रुपये तक के शॉर्ट टर्म कृषि लोन को 7% प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर देने के लिए बैंकों को 1.5% की ब्याज छूट दी जाती है। समय पर लोन चुकाने पर किसानों को 3% का अतिरिक्त त्वरित री-पेमेंट प्रोत्साहन दिया जाता है, जो किसानों के लिए ब्याज दर को प्रभावी ढंग से घटाकर 4% तक कर देता है।
बता दें कि ₹2 लाख तक के लोन कोलेट्रल-फ्री आधार पर दिए जाते हैं, जिससे छोटे और सीमांत किसानों के लिए क्रेडिट की पहुंच बिना परेशानी के सुनिश्चित होती है। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण 2025-26 में संशोधित ब्याज छूट योजना के तहत लोन की सीमा को ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने की घोषणा की है, जिससे किसानों को और लाभ होगा।