मुंबई:शिवसेना नेता संजय निरुपम ने ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुंबई नॉर्थ वेस्ट सीट से चुने गए सांसद रवींद्र वायकर का कोई रिश्तेदार काउंटिंग सेंटर पर फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि महाविकास अघाड़ी शिवसेना के खिलाफ झूठा प्रचार कर रही है। बता दें कि पुलिस ने रवींद्र वायकर के रिश्तेदार के खिलाफ काउंटिंग सेंटर पर फोन के इस्तेमाल को लेकर केस भी दर्ज किया है। वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि फोन का इस्तेमाल वोटिंग मशीन को अनलॉक करने के लिए ओटीपी जनरेट करने के लिए किया गया था।
वहीं संजय निरुपम ने कहा, पहली बार हमने सुना है कि ईवीएम को मोबाइल फोन के जरिए खोला जा सकता है। रालुह गांधी, प्रशांत भूषण और अखिलेश यादव जैसे लोग ईवीएम हैकिंग का आरोप लगा रहे हैं। अगर ऐसा होता तो वानराई पोलिंग स्टेशन पर उनके उम्मीदवार को ज्यादा वोट ना मिलते। बता दें कि मुंबई उत्तर पश्चिम सीट पर शिवसेना के रवींद्र वायकर की महज 48 वोटों से जीत हुई थी। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के अमोल गजानन कीर्तिकर हार गए ते। हालांकि एक बार इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार अमोल को भी जीता हुआ घोषित कर दिया गया था।
निरुपम ने कहा कि मीडिाय ने पहले ही चला दिया था कि कीर्तिकर जीत गए हैं। हालांकि तब गिनती चल ही रही थी। उन्होंने कहा, जब रीकाउंटिंग की मांग की गई तो रीकाउंटिंग कराई गई। वायकर ने कोई फ्रॉड नहीं किया है। कोई भी ईवीएम मोबाइल फोन से संचालित नहीं होती। ऐसे में ओटीपी का कोई सवाल ही नहीं है। वहीं पुलिस का कहना है कि पोलिंग ऑफिसर दिनेश गौरव के पास ओटीपी के लिए फोन था। इसका इस्तेमाल केवल पोलिंग ऑफिसर कर सकते हैं। पांडिलकर को फोन देने के मामले में चुनाव आयोग के कर्मचारी के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
बता दें कि रविवार को राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने काउंटिंग सेंटर पर फोन के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए थे। वहीं सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील प्रशांत भूषण ने भी कहा था, इस लोकसभा सीट पर इंडिया गठबंधन का प्रत्याशी जीता था। लेकिन रीकाउंट में एनडीए के प्रत्याशी को विजयी घोषित किया गया। इलेक्ट्रॉनिकली कलेक्टेड पोस्टल बैलेट की वजह से उसको जिता दिया गया।













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