डेस्क: कांग्रेस ने भारत सरकार की ईरान युद्ध और अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या पर मौन नीति को लेकर तीखी आलोचना की है। मंगलवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्ट और नैतिक रुख अपनाने की मांग की और सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की चुप्पी से भारत की वैश्विक साख पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति एक संवेदनशील क्षेत्र को व्यापक संघर्ष की ओर ले जा रही है। उन्होंने कहा, “लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक सहित करोड़ों लोगों के लिए अनिश्चितता और जोखिम की स्थिति बनी हुई है। सुरक्षा संबंधी चिंताएं वास्तविक हैं और संप्रभुता का उल्लंघन करने वाले हमले संकट को और बढ़ाएंगे। हिंसा से हिंसा ही जन्म लेती है; संवाद और संयम ही शांति का मार्ग है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अंतरराष्ट्रीय मामलों में नैतिक और स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा, “हमें अंतरराष्ट्रीय कानून और मानव जीवन की रक्षा में स्पष्ट रूप से बोलने का साहस होना चाहिए। प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे किसी राष्ट्राध्यक्ष की हत्या का समर्थन करते हैं।”
साथ ही, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी संसद में इस मसले पर चर्चा की मांग की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की मौन नीति भारत की विदेश नीति और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सोनिया गांधी ने लिखा कि 9 मार्च से शुरू होने वाले संसद के बजट सत्र में अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में आए इस विघटन और भारत की चुप्पी पर स्पष्ट चर्चा होनी चाहिए।
सोनिया ने कहा, “कूटनीतिक वार्ता के बीच किसी पदासीन राष्ट्राध्यक्ष की हत्या समकालीन अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भयावह विघटन का संकेत है। लेकिन इस स्तब्ध कर देने वाली घटना के बाद भारत की चुप्पी भी हैरान करने वाली है।”













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