पटना: बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित पद परिवर्तन की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पद से हटने की चर्चाओं के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पद बदलने के बाद भी नीतीश कुमार की राजनीतिक और व्यक्तिगत गरिमा को बनाए रखा जाएगा।
चिराग पासवान ने पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में कहा, “बिहार में नेतृत्व बदल सकता है, लेकिन नीतीश कुमार की दशकों की सेवा और अनुभव का सम्मान हर हालत में बरकरार रहेगा। उनकी गरिमा और प्रतिष्ठा कम नहीं होने दी जाएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार बनने पर केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर उन्हें सम्मान मिलेगा।
नीतीश कुमार ने पिछले महीने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दिया था और इसके बाद उन्हें राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुना गया। इस कदम से मुख्यमंत्री पद पर बदलाव की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
चिराग पासवान ने इस दौरान विपक्षी नेता तेजस्वी यादव पर भी हमला किया और आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल बिहार की राजनीतिक स्थिरता और विकास को लेकर भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, “बीते वर्षों में बिहार की साख पर सवाल उठाने वाले बयान दिए गए हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि राजनीति में सम्मान और गरिमा को प्राथमिकता दी जाए।”
सुरक्षा मामलों में सूचित सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार को Z+ श्रेणी की सुरक्षा जारी रहेगी। इसमें 10 NSG कमांडो समेत कुल 55 सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे। यह सुरक्षा उनकी लंबे राजनीतिक जीवन और अनुभव के सम्मान के रूप में जारी रखी जा रही है।
राजनीतिक पंडितों का मानना है कि नीतीश कुमार के इस कदम से बिहार की राजनीति में नया नेतृत्व उभर सकता है। आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री पद के नए उम्मीदवार और सरकार के गठन को लेकर सियासी गतिविधियाँ और तेज होने की संभावना है।













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