डेस्क:नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों को झटका लगा है। दरअसल, बाजार नियामक सेबी ने NSDL के शेयरों को सूचीबद्ध करने की समयसीमा चार महीने बढ़ाकर 31 जुलाई कर दी है। डिपॉजिटरी ने बाजार की स्थितियों का हवाला देते हुए विस्तार की मांग की थी।
NSDL पहले अप्रैल में अपना 3,000 करोड़ रुपये का IPO लॉन्च करने का प्रयास कर रही थी। सेबी द्वारा लिस्टिंग की समयसीमा शुरू में 11 अप्रैल, 2025 तय की गई थी। हालांकि, बाजार की स्थितियों और कंपनी की तैयारियों के कारण विस्तार की मांग की गई, जिसके कारण समयसीमा में संशोधन किया गया। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार NSDL का आईपीओ ऑफर फॉर सेल होगा, जिसमें NSE, HDFC बैंक, IDBI बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारतीय स्टेट बैंक, शेयर बेचने की योजना बना रहे हैं।
इस बीच, सेबी ने इंडीक्यूब, जीएसपी क्रॉप साइंस और गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को आईपीओ के जरिये फंड जुटाने के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से मंजूरी मिल गई है। सेबी ने बताया कि तीनों कंपनियां आईपीओ के जरिये सामूहिक रूप से कम से कम 1,260 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही हैं। इन कंपनियों ने दिसंबर में सेबी के समक्ष आईपीओ दस्तावेज दाखिल किए थे। उन्हें 24-28 मार्च के बीच सेबी से इसके ‘निष्कर्ष’ मिला। बता दें कि किसी भी कंपनी को आईपीओ लाने के लिए सेबी का निष्कर्ष जरूरी होता है। अब इन कंपनियों के शेयर बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध किए जाएंगे।
इस बीच, सेबी ने दो कंपनियों एडलवाइस की सब्सिडयरी- ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स लिमिटेड (ईएएए) और नीलकंठ रियलटर्स के आईपीओ दस्तावेज लौटा दिए हैं। इसके अलावा जीएनजी इलेक्ट्रॉनिक्स और एनलॉन हेल्थकेयर ने क्रमश: 24 मार्च और 28 मार्च को अपने आईपीओ दस्तावेज वापस ले लिए हैं। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की स्थिति की वजह से इन कंपनियों ने यह कदम उठाया है।