डेस्क : पश्चिम बंगाल सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के लाभार्थियों की पहचान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक नया सेल्फ सर्वे सिस्टम शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य योजना में पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना बताया जा रहा है।
सरकारी जानकारी के अनुसार, इस नई व्यवस्था के तहत अब पात्र ग्रामीण नागरिक स्वयं मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित सरकारी सर्वे टीम घर-घर जाकर दी गई जानकारी का सत्यापन करेगी।
इस प्रणाली के जरिए उन शिकायतों को कम करने की कोशिश की जा रही है, जिनमें अक्सर लाभार्थी चयन प्रक्रिया में पक्षपात, गलत जानकारी या स्थानीय स्तर पर अनियमितताओं के आरोप लगाए जाते रहे हैं। सरकार का मानना है कि डिजिटल और स्वयं-आधारित सर्वे प्रणाली से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचेगा।
इसके साथ ही जिन लोगों के पास तकनीकी साधन या स्मार्टफोन उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए डोर-टू-डोर सर्वे की व्यवस्था भी की गई है, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रह जाए।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सर्वे प्रक्रिया के बाद बहु-स्तरीय सत्यापन प्रणाली अपनाई जाएगी, जिससे लाभार्थियों की सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोका जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा और इसके बाद योग्य परिवारों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी।













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