डेस्क:जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर उर्फ पीके ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा हमला बोलते हुए सरकार से उनका हेल्थ बुलेटिन जारी करने की मांग की है। पीके ने यह भी दावा किया कि बीते दो सालों से सीएम नीतीश कुमार का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। सीएम की मानसिक स्थिति को लेकर बिहार के घर-घर में चर्चा हो रही है। अभी सरकार के अफसर उन्हें बचा रहे हैं। लेकिन, आने वाले विधानसभा चुनाव में तो नीतीश को जनता के सामने आना ही होगा।
प्रशांत किशोर ने मंगलवार को शेखपुरा में मीडिया से बातचीत में कहा कि एक चपरासी बनने के लिए भी मेडिकल जांच की रिपोर्ट देनी होती है। जबकि, बिहार को चला रहे सीएम की स्वास्थ्य स्थिति को सरकार छुपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश के स्वास्थ्य को लेकर सबसे पहले भाजपा के ही सुशील मोदी ने 2 साल पहले सवाल उठाया था।
शराबबंदी अच्छी तो पूरे देश में लागू करे बीजेपी- पीके
जन सुराज की सरकार बनने के एक घंटे के भीतर ही शराबबंदी कानून को निरस्त करने का दावा करते हुए पीके ने कहा कि शराबबंदी कानून में दुकानें बंद हैं और होम डिलेवरी चालू है। शराबबंदी कानून अफसरों के लिए लूट का जरिया बन गया है और गरीब लोग पीस रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग कहते हैं कि शराबबंदी से महिला सशक्त हुईं तो भाजपा को पूरे देश में शराबबंदी लागू करनी चाहिए। कम से कम धार्मिक राज्य यूपी में तो लागू करें।
तेजस्वी के खिलाफ राघोपुर से चुनाव लड़ने पर क्या बोले पीके?
आरजेडी नेता एवं पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के खिलाफ राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की बात पर पीके ने कहा कि पार्टी जहां से कहेगी वहीं से चुनाव लड़ूंगा। पार्टी की फंडिंग पर पीके ने कहा कि 10 सालों में जिन लोगों की मदद की है वे लोग पार्टी को मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनसुराज कि मांग है कि वृद्धा पेंशन को दो हजार रुपये किया जाए और महिलाओं को रोजगार के लिए सरकार की गारंटी पर दो लाख का लोन दिया जाए।